Rajasthan News: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुआ भीषण सड़क हादसा महज एक दुर्घटना नहीं बल्कि व्यवस्था की बड़ी चूक का नतीजा था. इस हादसे की प्रारंभिक जांच में NDTV द्वारा उठाए गए सवालों पर आधिकारिक मुहर लग गई है. दौसा जिला कलेक्टर सौम्या झा ने स्पष्ट किया है कि हाईवे पर लगे अस्पष्ट साइन बोर्ड और दिशा सूचक ऐरो (Arrow) का नहीं होना इस बड़ी दुर्घटना की मुख्य वजह बने है.
भ्रम ने किया वाहन चालकों को मजबूर
जांच समिति की रिपोर्ट के अनुसार, जयपुर-अजमेर जाने वाले मार्ग पर लगे साइन बोर्ड इतने अस्पष्ट थे कि चालक सही दिशा समझ नहीं पा रहे थे. दिशा को लेकर पैदा हुआ यह भ्रम चालकों को अचानक गति कम करने पर मजबूर करता है जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है. हादसे के वक्त भी ट्रेलर चालक इसी असमंजस में था जिसका खामियाजा भीषण जान-माल के नुकसान के रूप में सामने आया.
सरकार उठाएगी सख्त कदम
इस रिपोर्ट को मुख्य सचिव के साथ साझा किया जा चुका है. अब राज्य सरकार ने सबक लेते हुए पूरे प्रदेश के प्रमुख हाईवे पर सुरक्षा मानकों को कड़ा करने का निर्णय लिया है. इसमें साइन बोर्ड को बड़े और स्पष्ट अक्षरों में लिखना तथा हर जरूरी मोड़ पर दिशा सूचक ऐरो लगाना अनिवार्य किया जाएगा. इसके अतिरिक्त एनएचएआई (NHAI) को हाईवे पर स्थायी फायर टेंडर की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है क्योंकि हादसे के दौरान फायर ब्रिगेड को पहुंचने में देरी हुई थी.
सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त
जांच में यह भी सामने आया कि दुर्घटनाग्रस्त बस में सुरक्षा के लिहाज से इमरजेंसी एग्जिट तक नहीं था. फिलहाल बस में आग लगने के कारणों और सिगरेट की भूमिका की गहन जांच जारी है. जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता का प्रस्ताव सरकार को भेज दिया है. साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जिला स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा जो हाईवे पर निरंतर निगरानी और सुरक्षा अभियान चलाएगी.
यह भी पढ़ें- प्रेमी की दूसरी लड़की से तय हो गई शादी, प्रेमिका से झगड़े में हुआ मर्डर, 3 माह बाद मिला कंकाल
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं