मॉनसून सीजन के दौरान मगरमच्छों के रिहायशी इलाकों में पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है. कोटा शहर के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी मगरमच्छ आबादी के बीच नजर आने लगे हैं. रविवार सुबह कोटा ग्रामीण के इटावा क्षेत्र के रामपुरिया धाभाई गांव में करीब 6 फीट लंबा मगरमच्छ बस्ती के पास घूमता दिखाई दिया, जिससे ग्रामीणों में हड़कंप मच गया.
मगरमच्छ को किया रेस्क्यू
ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग और वन्यजीव प्रेमी हयात खान को सूचना दी. मौके पर पहुंचे वन्य जीव प्रेमी हयात खान ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू किया. इसके बाद मगरमच्छ को वन विभाग कार्यालय लाया गया, जहां से उसे चंबल नदी में सुरक्षित छोड़ दिया गया. मगरमच्छ को कंधे पर उठाया और बाइक से लेकर जाकर छोड़ दिया.

बाइक से मगरमच्छ को ले जाता वन्य जीव प्रेमी.
दर्जनों मगरमच्छों का कर चुके रेस्क्यू
वन्य जीव प्रेमी हयात खान उर्फ टाइगर एक दर्जन से अधिक मगरमच्छों का कर चुके हैं. मगरमच्छ के रेस्क्यू के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए. हयात खान अब तक एक दर्जन से अधिक मगरमच्छों का सफल रेस्क्यू कर चुके हैं. इसके अलावा वे सूचना मिलने पर सांपों का भी रेस्क्यू कर लोगों को सुरक्षित राहत पहुंचाते हैं.
वन विभाग ने किया अलर्ट
वन विभाग ने ग्रामीणों को अलर्ट किया है. वन विभाग ने कहा कि बारिश के मौसम में अक्सर मगरमच्छ रिहायशी एरिया में चले आते हैं. अगर मगरमच्छ दिखता है तो तुरंत वन विभाग को सूचना दें. उसे लाठी-डंडों से बिल्कुल न मारें. खुद से पकड़ने की कोशिश भी नहीं करें. थोड़ा सावधान रहें.
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