किसान ने खेत में जंगली सुअरों को भगाने के लिए देशी जुगाड़ लगाया. उसने खनन में उपयोग में लिए जाने वाले बारूद को लाकर मूसल में कूटते वक्त तेज धमाका हुआ, जिससे किसान मानाराम के तो मौके पर ही चिथड़े उड़ ही गए. उसकी पत्नी केशी देवी और 12 बर्षीय बेटी भगवती के साथ ही पड़ोसी राजूराम भी गंभीर रूप से घायल हो गया. घटना के बाद एक तरफ पूरे आंगन में खून बिखर गया. धमाके की आवाज सुन आसपास के पड़ोसी और किसान भी घटनास्थल पर दौड़े और घायलों को पहले स्थानीय अस्पताल पहुंचाया. किसान मानाराम को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.
छोटी बच्ची बर्न यूनिट में भर्ती, मृतक की पत्नी गंभीर
अन्य घायलों को जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में रेफर किया गया. छोटी बच्ची भगवती बर्न यूनिट में भर्ती है और मृतक की पत्नी केशीदेवी आईसीयू में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है. गंभीर रूप से घायल पड़ोसी राजूराम निजी अस्पताल में भर्ती है.
लोहे के मूसल के हो गए टुकड़े
जानकारी के मुताबिक, मृतक मानाराम भी अपने खेत में कोई बारूद को मुसल में तोड़कर पाउडर बनाने का प्रयास कर रहे थे और इसी दौरान तेज धमाका हुआ. उनकी पत्नी और उनकी छोटी बेटी पास में ही बैठी थी. धमाका इतना तेज था कि मुसल जो भारी लोहे का बना होता है, उसके भी टुकड़े-टुकड़े हो गए और ज्यादा नुकसान उसके टुकड़ों के जरिए ही हुआ.
जंगली जानवरों से छुटकारा पाने के लिए करते हैं जुगाड़
इस पूरी घटना के बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे. मृतक और घायलों के परिजनों ने बताया कि जंगली जानवर फसलों को नुकसान पहुंचा देते हैं और इन जंगली जानवरों से फसलों को बचाने के लिए कई प्रकार के जुगाड़ किए जाते हैं.
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