रक्षाबंधन के त्योहार से पहले पंजाब के लुधियाना जिले से एक ऐसी दुखद घटना सामने आई है जिसने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया. बस्सियां गांव में घर के आंगन में सो रहे 8 वर्षीय जोबनप्रीत सिंह और उसकी 6 वर्षीय बहन जसप्रीत कौर की सांप के काटने से मौत हो गई. दोनों बच्चे अपनी दादी के साथ गर्मी से बचने के लिए बाहर सो रहे थे, तभी रात में यह हादसा हुआ. पहले परिवार को लगा कि किसी मच्छर या कीड़े ने काटा है, लेकिन बाद में बिस्तर के नीचे सांप मिलने से हकीकत सामने आई. इलाज के लिए अस्पताल ले जाने के बावजूद दोनों बच्चों की जान नहीं बचाई जा सकी.
रात में हुआ हादसा, दादी को बताया किसी ने काट लिया
परिजनों के अनुसार, जोबनप्रीत सिंह और उसकी बहन जसप्रीत कौर बुधवार रात अपने घर के आंगन में दादी के साथ सो रहे थे. तड़के करीब 3 बजे जोबनप्रीत रोते हुए उठा और उसने दादी को बताया कि उसके हाथ में किसी चीज ने काट लिया है. शुरुआत में परिवार ने इसे सामान्य कीड़े या मच्छर का काटना समझा. लेकिन कुछ ही देर बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी और उसे सांस लेने में परेशानी होने लगी. जब परिवार ने बिस्तर और चारपाई के नीचे देखा तो वहां एक सांप मौजूद था.
अस्पताल ले जाने के बाद भी नहीं बची जान
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए परिवार तत्काल जोबनप्रीत को रायकोट के सिविल अस्पताल लेकर पहुंचा. हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने उसे लुधियाना के सीएमसी अस्पताल रेफर कर दिया. इसी बीच सुबह पता चला कि उसके बगल में सो रही छोटी बहन जसप्रीत कौर को भी सांप ने डस लिया था. उसकी तबीयत भी तेजी से बिगड़ गई. परिवार उसे अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. कुछ समय बाद इलाज के दौरान जोबनप्रीत ने भी दम तोड़ दिया.
एक साथ उठी भाई-बहन की अर्थी
जस्प्रीत पहली कक्षा की छात्रा थी, जबकि जोबनप्रीत तीसरी कक्षा में पढ़ता था. दोनों बच्चों की मौत के बाद पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई. गुरुवार को भाई-बहन का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया. दोनों की एक साथ उठी अर्थी देखकर गांव के लोगों की आंखें नम हो गईं.
मां आखिरी बार भी नहीं देख सकी बच्चों को
इस दुखद घटना का सबसे भावुक पहलू यह रहा कि बच्चों की मां सरबजीत कौर, जो ओमान में काम करती हैं, अपने बच्चों को आखिरी बार भी नहीं देख सकीं. परिवार का आरोप है कि उन्हें समय पर छुट्टी नहीं मिली और पासपोर्ट संबंधी औपचारिकताओं के कारण वह तत्काल भारत नहीं लौट पाईं. गांव के सरपंच सुरिंदर सिंह ने कहा कि पूरा गांव बच्चों की मौत से सदमे में है. उन्होंने राज्य सरकार से पीड़ित परिवार की आर्थिक सहायता करने की मांग की. उन्होंने बताया कि परिवार मजदूरी करके अपना जीवनयापन करता है और इस हादसे ने उन्हें गहरे संकट में डाल दिया है.
इलाज व्यवस्था पर भी उठे सवाल
गांव निवासी जगतार सिंह ने आरोप लगाया कि बच्चों को समय पर पर्याप्त चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाई. उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने आपस में चंदा एकत्र कर जोबनप्रीत के इलाज में मदद की. वहीं पड़ोसी बूटा सिंह ने कहा कि सुबह करीब 3:20 बजे उन्हें फोन कर बच्चों को अस्पताल पहुंचाने में मदद के लिए बुलाया गया था. ग्रामीणों ने मांग की कि गांव स्तर के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में सांप के काटने के इलाज और एंटी-वेनम की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं में समय रहते उपचार मिल सके.
गांव में पसरा मातम
रक्षाबंधन जैसे भाई-बहन के रिश्ते के पर्व से ठीक पहले हुई इस घटना ने पूरे बस्सियां गांव को झकझोर दिया है. एक साथ दो मासूम बच्चों की मौत ने परिजनों के साथ-साथ पूरे गांव को गहरे दुख में डाल दिया है. फिलहाल परिवार सदमे में है और गांव के लोग बच्चों को नम आंखों से अंतिम विदाई दे चुके हैं.
इनपुट : PTI
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