- पंजाब सरकार की ओटीएस स्कीम के तहत 298.39 करोड़ रुपये के वैट बकाये से जुड़े 7,845 आवेदन प्राप्त हुए हैं
- इस योजना से अब तक 111.16 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है, जिससे व्यापारियों का भरोसा बढ़ा है
- लुधियाना, अमृतसर, जालंधर, पटियाला और रोपड़ जिलों से इस योजना को विशेष समर्थन मिला है
पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने कहा है कि वैट बकाये के लिए लागू की गई एकमुश्त निपटान (ओटीएस) स्कीम को जबरदस्त समर्थन मिला है. इस स्कीम के तहत 298.39 करोड़ रुपये के बकाये से जुड़े कुल 7,845 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनसे अब तक 111.16 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है. उन्होंने कहा कि प्रमुख जिलों से हुई इस वसूली ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार में व्यापारियों और करदाताओं के भरोसे को प्रत्यक्ष रूप से दर्शाया है.
प्रमुख जिलों से मिला मजबूत समर्थन
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि लुधियाना, अमृतसर, जालंधर, पटियाला और रोपड़ डिवीजनों की सक्रिय भागीदारी काफी सराहनीय रही है. उन्होंने कहा कि इन प्रमुख जिलों से मिला मजबूत समर्थन ओटीएस स्कीम के बड़े वित्तीय लाभों के प्रति व्यापारियों और करदाताओं में बढ़ती जागरूकता को दिखाता है.
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि ओटीएस स्कीम के तहत पुराने वैट बकाये पर दी गई राहत कारोबारियों को नई शुरुआत का अवसर दे रही है. उन्होंने कहा कि इस पहल से न केवल पुराने टैक्स बोझ से राहत मिल रही है, बल्कि मुकदमेबाजी में कमी आएगी और राज्य का राजस्व भी मजबूत होगा.
31 मार्च तक अंतिम अवसर
वित्त मंत्री ने जोरदार अपील करते हुए कहा कि यह स्कीम 31 मार्च 2026 को अपने अंतिम चरण में पहुंच रही है. उन्होंने सभी पात्र करदाताओं से आग्रह किया कि वे समय सीमा समाप्त होने से पहले आगे आएं और लंबित वैट बकाये का निपटान करें. उन्होंने कहा कि इस स्कीम के तहत दी गई अभूतपूर्व राहत और बड़ी छूट पूरी तरह समयबद्ध है और यह छूट के साथ पुराने बकाये निपटाने का सुनहरा अवसर है.
समय सीमा के बाद सख्त कार्रवाई की चेतावनी
हरपाल सिंह चीमा ने चेतावनी दी कि समय सीमा समाप्त होने के बाद सरकार का मौजूदा रियायती रुख समाप्त हो जाएगा और सख्त कानूनी अनुपालन तथा बिना किसी समझौते वाली वसूली प्रक्रिया शुरू की जाएगी. उन्होंने कहा कि इसके बाद बकाया मामलों को बिना किसी छूट के सामान्य कानूनी जांच के दायरे में लाया जाएगा.
8,000 संपत्तियों की पहचान, वसूली की तैयारी पूरी
वित्त मंत्री ने बताया कि 31 मार्च 2026 के बाद जिन मामलों में बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया, उनमें कानून के प्रावधानों के अनुसार वसूली की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई की तैयारी के तहत लगभग 8,000 संपत्तियों की पहले ही पहचान की जा चुकी है.
पारदर्शी और व्यापार‑समर्थक नीतियों पर भरोसा: चीमा
ओटीएस स्कीम के उद्देश्य पर जोर देते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि इस स्कीम को मिला भरपूर समर्थन मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की पारदर्शी और व्यापार‑समर्थक नीतियों में करदाताओं के विश्वास को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य राहत प्रदान करना, मुकदमेबाजी को कम करना और राज्य की राजस्व प्रणाली को मजबूत करना है. साथ ही यह स्कीम पुराने वैट देनदारियों के ब्याज और जुर्माने में भारी छूट देकर कारोबारियों को साफ‑सुथरे वित्तीय खातों के साथ नई शुरुआत करने में सक्षम बनाती है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं