
पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो)
चंडीगढ़:
पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने अपने मंत्रियों और विधायकों से कहा है कि वे लाल बत्ती हटाने को प्रतिष्ठा का विषय नहीं बनाएं. उन्होंने कहा कि वे इसे लोगों के प्रति आभार जताने के तौर पर देखें. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की वीआईपी संस्कृति आजादी से पहले के दौर में थी और हमारे जैसे लोकतांत्रिक तथा प्रगतिशील समाज में इसका कोई स्थान नहीं है.
इस तरह की खबरें आ रही थीं कि एक मंत्री सहित कुछ लोगों ने इस पहल पर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने अपने कार्यालय के माध्यम से बयान जारी कर कहा कि उनकी सरकार वीआईपी संस्कृति को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है जैसा कि कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में वादा किया था. बयान में अमरिंदर ने सभी नेताओं और अन्य से इस पहल का समर्थन करने की अपील की और कहा कि राज्य कर्ज के बोझ तले दबा है और ऐसे में इन अप्रासंगिक चीजों का कोई मतलब नहीं है.
उल्लेखनीय है कि अमरिंदर सिंह मंत्रिमंडल ने कांग्रेस के विधानसभा चुनाव घोषणापत्र के अनुसार वीआईपी संस्कृति छोड़ने के सरकार के कदम के तहत दो सालों तक मंत्रियों की विदेश यात्राओं, सरकारी खर्च पर स्वागत समारोहों के आयोजन पर रोक लगाने का भी फैसला किया है.
(इनपुट भाषा से)
इस तरह की खबरें आ रही थीं कि एक मंत्री सहित कुछ लोगों ने इस पहल पर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने अपने कार्यालय के माध्यम से बयान जारी कर कहा कि उनकी सरकार वीआईपी संस्कृति को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है जैसा कि कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में वादा किया था. बयान में अमरिंदर ने सभी नेताओं और अन्य से इस पहल का समर्थन करने की अपील की और कहा कि राज्य कर्ज के बोझ तले दबा है और ऐसे में इन अप्रासंगिक चीजों का कोई मतलब नहीं है.
उल्लेखनीय है कि अमरिंदर सिंह मंत्रिमंडल ने कांग्रेस के विधानसभा चुनाव घोषणापत्र के अनुसार वीआईपी संस्कृति छोड़ने के सरकार के कदम के तहत दो सालों तक मंत्रियों की विदेश यात्राओं, सरकारी खर्च पर स्वागत समारोहों के आयोजन पर रोक लगाने का भी फैसला किया है.
(इनपुट भाषा से)
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