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सीएम मान ने पंजाब विधानसभा में हासिल किया विश्वास मत, न्यूनतम मजदूरी में 15 फीसदी बढ़ोतरी का बड़ा ऐलान

सदन के भीतर तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली. विपक्ष पर कार्यवाही में बाधा डालने और सदन की गरिमा कम करने के आरोप लगे. स्थिति संभालने के लिए स्पीकर को कई बार हस्तक्षेप करना पड़ा.

सीएम मान ने पंजाब विधानसभा में हासिल किया विश्वास मत, न्यूनतम मजदूरी में 15 फीसदी बढ़ोतरी का बड़ा ऐलान
  • पंजाब सरकार ने श्रमिक दिवस पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर न्यूनतम मजदूरी में 15 प्रतिशत वृद्धि की घोषणा की
  • मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर अपनी सरकार को सुरक्षित बताया
  • विपक्षी दलों ने विश्वास मत के दौरान वॉकआउट कर विरोध जताया और विधानसभा में हंगामा किया
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चंडीगढ़:

पंजाब सरकार ने श्रमिक दिवस पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया. पंजाब में आम आदमी पार्टी के विधायकों के पार्टी छोड़ने की अटकलों के बीच सीएम भगवंत मान ने पंजाब सरकार का विश्वास मत पेश किया. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने श्रमिकों को बड़ा तोहफा देते हुए न्यूनतम मजदूरी में 15 प्रतिशत बढ़ोतरी का भी ऐलान किया. उन्होंने कहा कि यह फैसला सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में लागू होगा.

विधानसभा में विश्वास मत ध्वनि मत से पास हुआ. इस दौरान भाजपा, कांग्रेस और अकाली दल ने वॉकआउट कर दिया था, जिससे विश्वासमत सर्वसम्मति से पास हो गया. ऐसे में अब भगवंत मान की सरकार को 6 महीने तक कोई खतरा नहीं है.

इस दौरान विधानसभा में बोलते हुए भगवंत मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी पूरी तरह मजबूत और एकजुट है. 'आप का झाड़ू' भारत की राजनीति की सफाई करता रहेगा.

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इससे पहले विधानसभा में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मजदूरों के घरों और उनकी जिंदगी के हालात बदल सकती है. उन्होंने एक बार फिर शिक्षा के महत्व को दोहराते हुए कहा कि गरीब परिवारों के बच्चे परीक्षाओं में सफलता हासिल कर रहे हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि सही अवसर मिलने पर हर बच्चा आगे बढ़ सकता है. उन्होंने सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.

पंजाब विधानसभा की कार्यवाही के दौरान जमकर हंगामा भी हुआ. अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के मौके पर बुलाए गए इस सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस के बाद कांग्रेस विधायकों ने वॉकआउट कर दिया.

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सदन के भीतर तीखी नोकझोंक देखने को मिली. विपक्ष पर कार्यवाही में बाधा डालने और सदन की गरिमा कम करने के आरोप लगे. स्थिति संभालने के लिए स्पीकर को कई बार हस्तक्षेप करना पड़ा. हालांकि इसके बाद विपक्षी दलों ने विधानसभा परिसर में प्रदर्शन भी किया.

विश्वास प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित होने के बाद सरकार ने विधायकों के दल-बदल की अफवाहों पर फिलहाल विराम लगा दिया है. 88 विधायकों ने सरकार के पक्ष में समर्थन दिया. जब अध्यक्ष ने विधायकों से प्रस्ताव पर उनकी सहमति के लिए 'हां' या 'ना' में मतदान कराया, तो विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव के खिलाफ एक भी आवाज नहीं उठी.

इस बीच, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उन पर भरोसा जताने के लिए सभी विधायकों का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि इस विश्वास प्रस्ताव की जीत इस बात का संकेत है कि आम आदमी पार्टी 2027 में पंजाब में एक बार फिर सरकार बनाएगी.

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