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CWG 2026 Closing Ceremony: जैस्मिन लंबोरिया होंगी भारत की फ्लैग-बेयरर, अहमदाबाद को सौंपी जाएगी मेजबानी

रविवार देर रात होने वाली क्लोजिंग सेरेमनी में भारत की ओर से बॉक्सर जैस्मिन लंबोरिया ध्वजवाहक होंगी.

CWG 2026 Closing Ceremony: जैस्मिन लंबोरिया होंगी भारत की फ्लैग-बेयरर, अहमदाबाद को सौंपी जाएगी मेजबानी
Jaismine Lamboria India flag-bearer Commonwealth Games 2026 closing ceremony

मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन और दो बार की मेडलिस्ट जैस्मिन लंबोरिया रविवार को कॉमनवेल्थ गेम्स की क्लोजिंग सेरेमनी में देश की फ्लैग-बेयरर होंगी. 24 साल की बॉक्सर ने ग्लासगो में जारी कॉमनवेल्थ खेलों में 57kg वेट कैटेगरी में गोल्ड मेडल अपने नाम किया था. जैस्मिन हाल के समय में सबसे लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाली भारतीय बॉक्सर्स में से एक हैं. जैस्मिन ने पिछले साल लिवरपूल में वर्ल्ड चैंपियनशिप जीती थी और इस साल की शुरुआत में एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता था.

इंडिया 2030 में अहमदाबाद में कॉमनवेल्थ गेम्स के अगले एडिशन को होस्ट करने के लिए तैयार है. आज देर रात ग्लासगो में होने वाली क्लोजिंग सेरेमनी में भारत को बैटन पास की जाएगी.  इंडिया का वाइब्रेंट कल्चर और कॉमनवेल्थ फैमिली के साथ इसके शेयर्ड वैल्यूज़ को हाइड्रो में ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स की क्लोजिंग सेरेमनी के हैंडओवर सेगमेंट के दौरान दिखाया जाएगा. एक रिलीज़ के मुताबिक, 'हैंडओवर सेगमेंट' तीन एक्ट में दिखाया जाएगा, जो ऑडियंस को एक ऐसे सफर पर ले जाएगा जो शेयर्ड वैल्यूज़, कल्चर और कनेक्शन का जश्न मनाएगा.

कॉमनवेल्थ गेम्स के सौवें संस्करण की मेजबानी करने की अहमदाबाद की तैयारी रविवार को आधिकारिक रूप से शुरू होगी. ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की क्लोजिंग सेरेमनी के दौरान अहमदाबाद को कॉमनवेल्थ गेम्स का झंडा और मेजबान बैटन मिलेगा. इसके लिए गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में मौजूद हैं.

हैंडओवर सेरेमनी में ग्लासगो के दर्शकों को अहमदाबाद 2030 का पहला प्रीव्यू भी दिखाया जाएगा, जिसमें भारत की सांस्कृतिक विरासत और गुजरात की पहचान को दिखाने वाला एक कार्यक्रम होगा. सेरेमनी की एक खास बात किंग्स बैटन रिले है, जो कॉमनवेल्थ गेम्स की सबसे पुरानी परंपराओं में से एक है. कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के मुताबिक, यह रिले सभी 74 कॉमनवेल्थ देशों और इलाकों से होकर गुजरेगी.

गेम्स के इतिहास में पहली बार, हर हिस्सा लेने वाले देश और इलाके को अपना बैटन मिलेगा, जिससे हर जगह अपनी संस्कृति, विरासत और रचनात्मकता को दिखाया जा सकेगा. हर बैटन पर यूके के राजा चार्ल्स तृतीय का एक संदेश होगा, जो रिले में शुरुआती संदेश देते हैं. बैटन को समाज में अच्छे योगदान देने वाले लोग ले जाते हैं, और आखिर में बैटन गेम्स से पहले मेजबान शहर पहुंचता है. किंग्स बैटन रिले पहली बार 1958 में कार्डिफ में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में शुरू की गई थी.

ग्लासगो हैंडओवर सेगमेंट को तीन हिस्सों में डिजाइन किया गया है. ओपनिंग एक्ट 'वंदे मातरम' की 150वीं सालगिरह मनाएगा. इसके बाद सितार वादक ऋषभ रिखीराम शर्मा और स्कॉटिश पाइपर रॉस आइंस्ली की क्लासिकल इंडियन 'जुगलबंदी' होगी, जो ग्लासगो 2026 और अहमदाबाद 2030 के बीच कनेक्शन को दिखाएगी. आखिरी सेगमेंट में पूरे भारत की एक विजुअल यात्रा दिखाई जाएगी, जिसमें गुजरात पर खास फोकस होगा. कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत 1930 में कनाडा के हैमिल्टन शहर में हुई थी. अहमदाबाद में आयोजित होने वाला कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 ,गेम्स का 100वां वर्ष होगा.

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