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CWG 2026: पहले दिन लॉन बॉल से भारत करेगा आगाज, जानिए खेल का क्या है तरीका और नियम

CWG 2026, Lawn Bowls Game and Rules: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत अपने अभियान की शुरुआत लॉन बॉल से करेगा. बर्मिंघम 2022 में इतिहास रचने वाली भारतीय टीम एक बार फिर पदक की उम्मीद लेकर उतरेगी. जानिए लॉन बॉल के नियम, पॉइंट्स सिस्टम और इस खेल में भारत का रिकॉर्ड

CWG 2026: पहले दिन लॉन बॉल से भारत करेगा आगाज, जानिए खेल का क्या है तरीका और नियम
CWG 2026, Lawn Bowls Game and Rules:

CWG 2026, Lawn Bowls Game and Rules: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आगाज 23 जुलाई से स्कॉटलैंड के ग्लासगो में हो रहा है. 74 देशों के करीब 3,000 एथलीट 10 खेलों में 215 स्वर्ण पदकों के लिए मुकाबला करेंगे. भारत इस बार 19वीं बार राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा ले रहा है. भारतीय दल में 124 खिलाड़ी शामिल हैं, जिनमें सामान्य खेलों के साथ पैरा स्पर्धाओं के एथलीट भी पदक जीतने की चुनौती पेश करेंगे. भारत अपने अभियान की शुरुआत पुरुष और महिला लॉन बॉल मुकाबलों से करेगा. बर्मिंघम 2022 में ऐतिहासिक प्रदर्शन करने के बाद भारतीय टीम एक बार फिर पदक जीतने के इरादे से मैदान में उतरेगी.

बर्मिंघम में रचा था इतिहास

भारतीय महिला लॉन बॉल टीम ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में देश को इस खेल का पहला पदक दिलाकर इतिहास बनाया था. लवली चौबे, पिंकी, नयनमोनी सैकिया और रूपा रानी टिर्की की चौकड़ी ने महिला फोर्स फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया था. इसी संस्करण में भारत की पुरुष फोर्स टीम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता था. सुनील बहादुर, चंदन सिंह, नवनीत सिंह और दिनेश कुमार की टीम फाइनल तक पहुंची थी. इसके अलावा पुरुष पेयर्स स्पर्धा में भी भारतीय खिलाड़ी पदक के बेहद करीब पहुंचे थे.

क्या है लॉन बॉल?

लॉन बॉल एक सटीक निशाने और रणनीति पर आधारित खेल है, जिसे समतल घास वाले मैदान पर खेला जाता है. इस मैदान को 'बोलिंग ग्रीन' कहा जाता है. यह खेल एकल (Singles) के अलावा दो, तीन और चार खिलाड़ियों की टीम में भी खेला जाता है. दो खिलाड़ियों की टीम को पेयर्स (Pairs), तीन खिलाड़ियों की टीम को ट्रिपल्स (Triples) और चार खिलाड़ियों की टीम को फोर्स (Fours) कहा जाता है. पुरुष और महिला दोनों वर्गों में इन स्पर्धाओं का आयोजन होता है.

दो तरह की गेंदों से खेला जाता है मुकाबला

लॉन बॉल में दो तरह की गेंदों का इस्तेमाल होता है. बड़ी गेंद को वुड (Wood) कहा जाता है, जबकि छोटी सफेद या पीली गेंद जैक (Jack) कहलाती है. मुकाबले की शुरुआत में जैक को एक तय दूरी तक रोल किया जाता है. इसके बाद खिलाड़ियों का लक्ष्य अपने वुड को जैक के सबसे करीब पहुंचाना होता है. टॉस के जरिए तय होता है कि पहली गेंद कौन सी टीम या खिलाड़ी फेंकेगा.

कैसे मिलते हैं अंक?

हर एंड (Round) खत्म होने के बाद केवल उसी टीम को अंक मिलते हैं, जिसकी गेंद जैक के सबसे करीब होती है. अगर किसी टीम की एक गेंद सबसे नजदीक है और दूसरी टीम की गेंद उसके बाद है, तो पहली टीम को एक अंक मिलेगा. अगर किसी टीम की लगातार तीन गेंदें जैक के सबसे करीब हैं और चौथी गेंद विरोधी टीम की है, तो उस टीम को तीन अंक दिए जाएंगे.

कब तय होती है जीत-हार?

सिंगल्स मुकाबले में जो खिलाड़ी सबसे पहले 21 अंक हासिल कर लेता है, उसे विजेता घोषित किया जाता है. टीम मैच में आमतौर पर तय संख्या में एंड्स खेले जाते हैं. कॉमनवेल्थ गेम्स में 15 एंड्स पूरे होने के बाद जिस टीम के सबसे ज्यादा अंक होते हैं, वही मुकाबला जीतती है.

1930 से राष्ट्रमंडल खेलों का हिस्सा है लॉन बॉल

लॉन बॉल कॉमनवेल्थ गेम्स के सबसे पुराने खेलों में से एक है. 1930 में आयोजित पहले राष्ट्रमंडल खेलों से ही यह खेल प्रतियोगिता का हिस्सा रहा है. लॉन बॉल में इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका सबसे सफल देशों में गिने जाते हैं. भारत को इस खेल में पहली सफलता बर्मिंघम 2022 में मिली, जब महिला टीम ने ऐतिहासिक स्वर्ण और पुरुष टीम ने रजत पदक जीतकर नया अध्याय लिखा.

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