वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ भारत के अहम मुकाबले से पहले पूर्व गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने कहा कि भारत ने खेल के आखिरी पलों में कमज़ोर पड़ने की उस समस्या से पार पा लिया है, जिसकी वजह से उन्हें पहले पाकिस्तान के खिलाफ़ भारी नुकसान उठाना पड़ा था. अब वे अपने सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी का सामना करने के लिए बेहतर ढंग से तैयार हैं. दोनों टीमें बुधवार को नीदरलैंड्स के एमस्टेलवीन में ग्रुप स्टेज के एक मैच में आमने-सामने होंगी.
दो बार ओलंपिक में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वाले श्रीजेश ने कहा कि भारत-पाकिस्तान के मैचों में अब पहले जैसा तनाव या मुश्किल नहीं रही, क्योंकि भारतीय टीम ने फिटनेस, ताकत, खेल की समझ और फ़ैसला लेने की क्षमता में काफ़ी सुधार किया है. श्रीजेश ने जियोस्टार से कहा,"पाकिस्तान के खिलाफ़ मैच अब उतने मुश्किल नहीं रहे जितने पहले हुआ करते थे."
पूर्व भारतीय खिलाड़ी गोलकीपर के अनुसार,"पहले आखिरी क्वार्टर या मैच के आखिरी मिनटों में गोल खाना हमारे लिए एक समस्या थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है. अब हम मैच जीतने के लिए देर से गोल करते हैं. पहले, 35-मिनट के हाफ के दौरान, हम फिटनेस या गलत फैसलों की वजह से गलतियां करते थे और गोल खा बैठते थे. लेकिन जब से चार-क्वार्टर वाला सिस्टम आया है - और उससे पहले भी - हमने अपनी फिटनेस, ताकत, खेल की समझ और फैसले लेने की क्षमता में काफी सुधार किया है."
श्रीजेश ने आगे कहा,"इसी वजह से,पाकिस्तान के खिलाफ मैच अब उतने मुश्किल नहीं रहे जितने पहले हुआ करते थे. पहले भारत बनाम पाकिस्तान के मैच बहुत कड़े मुकाबले वाले होते थे और अक्सर 1-0 या 2-1 पर खत्म होते थे. पाकिस्तान में अभी भी काबिलियत है, लेकिन उनकी मौजूदा टीम का स्तर पहले जैसा नहीं रहा है."
हालांकि, श्रीजेश का मानना है कि वर्ल्ड कप में जब भारत का सामना यूरोप की मजबूत टीमों से होगा, तो उन्हें डिफेंस के मामले में ज़्यादा अनुशासित रहना होगा. उन्होंने कहा कि टीम पिछले डेढ़ साल से एक नए फ़ॉर्मेशन के साथ खेल रही है, जिसकी वजह से उन्हें कभी-कभी अपनी पसंद से ज़्यादा डिफ़ेंस करना पड़ता है.
उन्होंने कहा,"भारतीय पुरुष हॉकी टीम पिछले डेढ़ साल से एक नए फ़ॉर्मेशन के साथ खेल रही है. यह फ़ॉर्मेशन ज़्यादातर हमें डिफ़ेंस करने पर मजबूर करता है, लेकिन हाल ही में हुई प्रो लीग में हमने कई मैचों में आगे बढ़कर ज़ोरदार दबाव बनाया."
पूर्व कप्तान ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत को डिफ़ेंस में मज़बूती और अपने स्वाभाविक अटैकिंग गेम के बीच सही संतुलन बनाने की ज़रूरत है. श्रीजेस ने कहा,"एक ज़रूरी बात यह है कि जब हम यूरोपीय टीमों के खिलाफ़ खेलें तो डिफ़ेंस में एकजुट होकर खेलें. इसके अलावा, वर्ल्ड कप में हमें अपना स्वाभाविक खेल खेलना चाहिए."
श्रीजेश ने भारत की ज़ोनल मार्किंग पर भी बात की और कहा कि इस मामले में बेहतर समझ और तालमेल की ज़रूरत है. उन्होंने कहा,"डिफ़ेंस में हम ज़ोनल मार्किंग का इस्तेमाल करते हैं, इसलिए हमें उस मामले में अपनी समझ बेहतर करने की ज़रूरत है. हमें बहुत पीछे नहीं हटना चाहिए. हमें आगे बढ़कर, ऊंचे स्तर पर दबाव बनाना चाहिए और सेंटर लाइन के पार जाकर भी डिफ़ेंस करना चाहिए."
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