कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 समापन के बाद भारतीय फैंस को भारत और श्रीलंका के बीच होने वाली टेस्ट सीरीज का बेसब्री से इंतजार है. 15 अगस्त से इस सीरीज की शुरुआत हो रही है. हालांकि, इस दिन ना सिर्फ टेस्ट सीरीज की शुरुआत होगी बल्कि भारतीय हॉकी टीम भी अपने वर्ल्ड कप अभियान का आगाज करेगी. बेल्जियम और नीदरलैंड्स की संयुक्त मेजबानी में हो रहे इस टूर्नामेंट भी शुरुआत भी 15 अगस्त को होने वाली है और पहले दिन ही टीम इंडिया एक्शन में दिखेगी. 15 दिनों तक चलने वाले इस टूर्नामेंट के लिए टीम इंडिया के स्क्वाड का ऐलान किया जा चुका है.
16 टीमों वाले इस टूर्नामेंट के लिए सभी टीमों को चार-चार के अलग-अलग ग्रुप में बांटा गया है. इस बार का फॉर्मेट भी पिछले बार से अलग है. इस बार क्वार्टर-फ़ाइनल नहीं होंगे और उसकी जगह दूसरा ग्रुप स्टेज होगा, जिससे यह पक्का होगा कि नॉकआउट राउंड से पहले हर टीम कम से कम पांच मैच खेले. भारत इस टूर्नामेंट में बड़ी उम्मीदों के साथ उतरेगा.
सालों का सूखा खत्म करने पर निगाहें
हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई में पुरुष टीम 15 अगस्त को पूल D में वेल्स के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी, जिसके बाद वह इंग्लैंड और चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से भिड़ेगी, जबकि सलीमा टेटे की कप्तानी वाली महिला टीम 16 अगस्त को चीन के खिलाफ अपनी चुनौती शुरू करेगी, जिसके बाद दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के खिलाफ मैच होंगे.
इस बड़े इवेंट से पहले भारतीय टीमों के लिए काम आसान नहीं होगा. जहां पुरुष टीम 1975 में गोल्ड मेडल जीतने के बाद अपना पहला वर्ल्ड कप मेडल जीतने की कोशिश करेगी, वहीं भारतीय महिला टीम 1974 में अपने टूर्नामेंट में सबसे अच्छे चौथे स्थान को बेहतर करके अपना पहला वर्ल्ड कप मेडल जीतने की उम्मीद करेगी.
इस बार अलग है फॉर्मेट
FIH हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में पुरुषों और महिलाओं दोनों के टूर्नामेंट के लिए एक नया फ़ॉर्मेट होगा. टूर्नामेंट तीन स्टेज में खेला जाएगा, जिसमें हर टीम नॉकआउट राउंड से पहले कम से कम पाँच मैच खेलेगी.
पहले स्टेज में, 16 टीमों को चार पूल (A, B, C और D) में बांटा गया है, जिनमें हर पूल में चार-चार हैं. हर टीम अपने पूल की बाकी तीन टीमों से एक बार खेलेगी. ग्रुप स्टेज के आखिर में, हर पूल से टॉप दो टीमें दूसरे स्टेज में पहुंचेगी, जबकि बाकी टीमें टाइटल की रेस से बाहर हो जाएंगी.
दूसरा स्टेज ट्रेडिशनल क्वार्टर-फ़ाइनल की जगह लेगा. आठ क्वालिफ़ाइड टीमों को दो नए ग्रुप में बांटा जाएगा. पूल E में पूल A और D की टॉप दो टीमें को रखा जाएगा, जबकि पूल F में पूल B और C की टॉप दो टीमें होंगी.
टीमें अपने ओरिजिनल पूल से अपने साथ क्वालिफ़ाई करने वाली विरोधी टीम से नहीं खेलेंगी. इसके बजाय, उस मैच का नतीजा आगे बढ़ाया जाएगा, और हर पूल में मौजूद बाकी दो टीमों के खिलाफ खेलेगी. इसका मतलब है कि टाइटल की दौड़ में शामिल हर टीम सेमीफाइनल से पहले कुल पांच मैच खेलेगी.
पूल E और F दोनों से टॉप दो टीमें सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेंगी. पूल E का विनर पूल F के रनर-अप का सामना करेगा, जबकि पूल F का विनर पूल E के रनर-अप से भिड़ेगा. उन दो मैचों के विनर FIH हॉकी वर्ल्ड कप 2026 फाइनल में पहुंचेंगे, जहां वे चैंपियनशिप के लिए मुकाबला करेंगे, जबकि सेमीफाइनल में हारने वाली टीमें ब्रॉन्ज मेडल मैच खेलेगी.
पूल डी में भारत
भारत को पूल डी में रखा गया है. भारत के साथ इंग्लैंड, वेल्स और पाकिस्तान है. भारत अगर आगे बढ़ता है तो वह ई में रहेगा. भारत ग्रुप स्टेज का अपना पहला मुकाबला 15 अगस्त को वेल्स से खेलेगा. इसके बाद टीम इंडिया 17 अगस्त को इंग्लैंड से और 19 अगस्त को पाकिस्तान से भिड़ेगी.
हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारत का स्क्वॉड
गोलकीपर: मोहित एचएस, सूरज करकेरा
डिफेंडर: हरमनप्रीत सिंह (कप्तान), जरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, संजय, सुमित, यशदीप सिवाच
मिडफील्डर: राजिंदर सिंह, आदित्य अर्जुन लालगे, हार्दिक सिंह, मनप्रीत सिंह, नीलकांत शर्मा, विवेक सागर प्रसाद
फॉरवर्ड: दिलप्रीत सिंह, शिलानंद लाकड़ा, सुखजीत सिंह, मंदीप सिंह, अभिषेक
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