महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (फाइल फोटो)
- पूर्व पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया की भूमिका सवालों के घेरे में
- 'मारिया ने बताया था कि पीटर मुखर्जी का हत्याकांड में हाथ नहीं है'
- मुंबई पुलिस के इस दावे को सीबीआई ने तुरंत ग़लत साबित कर दिया
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मुंबई:
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का कहना है कि शीना बोरा की मौत के मामले में पुलिस ने मुझे गुमराह किया था. तत्कालीन पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया ने बताया था कि पीटर मुखर्जी का इस हत्याकांड में कोई हाथ नहीं है. मुंबई पुलिस के इस दावे को सीबीआई ने तुरंत ग़लत साबित कर दिया, मुंबई पुलिस की जांच इतनी ख़राब कैसे हो सकती है?
मीडिया जगत के बड़े नाम पीटर मुखर्जी की सौतेली बेटी शीना बोरा हत्याकांड मामले में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के इस बड़े बयान से मामले में पूर्व पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया की भूमिका सवालों के घेरे में है. शीना बोरा मर्डर केस में सीबीआई गुरुवार को राकेश मारिया, देवेन भारती और डीसीपी सत्यनारायण चौधरी से पूछताछ कर चुकी है. उनके बयान रिकॉर्ड भी किए गए हैं. इससे पहले अपनी दूसरी चार्जशीट में सीबीआई ने दावा किया था कि इंद्राणी मुखर्जी वारदात की पूरी जानकारी समय-समय पर पीटर मुखर्जी को देती रही थी.
मारिया पर मुख्यमंत्री का बयान इस मामले में अहम है, क्योंकि बतौर पुलिस कमिश्नर मारिया रिकॉर्ड 8 घंटे पुलिस थाने में बैठकर इंद्राणी, संजीव खन्ना और उनके ड्राइवर से पूछताछ करते रहे थे. मीडिया में सैकड़ों घंटे और पन्ने इस केस की जानकारी में छापे गए.
राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पहले ही कह चुके थे कि एक ही केस में इतनी दिलचस्पी ग़लत संदेश दे रही है, लेकिन मुख्यमंत्री के इस बयान के 48 घंटे बाद ही मारिया एक बार फिर खार पुलिस स्टेशन पहुंच गए, जिसके बाद मारिया की मुंबई पुलिस कमिश्नर पद से छुट्टी कर उन्हें होमगार्ड में डीजी बना दिया गया था.
मीडिया जगत के बड़े नाम पीटर मुखर्जी की सौतेली बेटी शीना बोरा हत्याकांड मामले में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के इस बड़े बयान से मामले में पूर्व पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया की भूमिका सवालों के घेरे में है. शीना बोरा मर्डर केस में सीबीआई गुरुवार को राकेश मारिया, देवेन भारती और डीसीपी सत्यनारायण चौधरी से पूछताछ कर चुकी है. उनके बयान रिकॉर्ड भी किए गए हैं. इससे पहले अपनी दूसरी चार्जशीट में सीबीआई ने दावा किया था कि इंद्राणी मुखर्जी वारदात की पूरी जानकारी समय-समय पर पीटर मुखर्जी को देती रही थी.
मारिया पर मुख्यमंत्री का बयान इस मामले में अहम है, क्योंकि बतौर पुलिस कमिश्नर मारिया रिकॉर्ड 8 घंटे पुलिस थाने में बैठकर इंद्राणी, संजीव खन्ना और उनके ड्राइवर से पूछताछ करते रहे थे. मीडिया में सैकड़ों घंटे और पन्ने इस केस की जानकारी में छापे गए.
राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पहले ही कह चुके थे कि एक ही केस में इतनी दिलचस्पी ग़लत संदेश दे रही है, लेकिन मुख्यमंत्री के इस बयान के 48 घंटे बाद ही मारिया एक बार फिर खार पुलिस स्टेशन पहुंच गए, जिसके बाद मारिया की मुंबई पुलिस कमिश्नर पद से छुट्टी कर उन्हें होमगार्ड में डीजी बना दिया गया था.
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