मुंबई:
महाराष्ट्र में परोपकार आयुक्त कार्यालय ने विभिन्न लोकप्रिय धर्मस्थल केन्द्रों पर मंदिर अधिकारियों से कहा है कि वह अधिकृत कर्मचारियों की उपस्थिति में ही दान पेटी खोलें. उन्हें आशंका है कि इन दान पेटियों में डाली गई नकदी कालाधन जमाखोरों की हो सकती है. आयुक्त कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मंदिरों में दान के जरिये बेहिसाब नोटों के प्रवाह से बचने के लिए यह निर्णय किया गया है. उन्होंने कहा कि मंदिर के प्रबंधनों को दान पेटियों में आई नकदी गिनते समय ‘अतिरिक्त सावधानियां’ बरतने को कहा गया है.
अधिकारियों को आशंका है कि भारी मात्रा में नकदी जमा करके रखने वाले लोग मंदिर के अधिकारियों के साथ मिली भगत कर 1,000 रुपये और 500 रुपये के नोट, कम मूल्य के नोटों से बदलवा सकते हैं. उन्होंने कहा हम मंदिर के दान के इस तरह के दुरुपयोग से बचना चाहते हैं.’
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अधिकारियों को आशंका है कि भारी मात्रा में नकदी जमा करके रखने वाले लोग मंदिर के अधिकारियों के साथ मिली भगत कर 1,000 रुपये और 500 रुपये के नोट, कम मूल्य के नोटों से बदलवा सकते हैं. उन्होंने कहा हम मंदिर के दान के इस तरह के दुरुपयोग से बचना चाहते हैं.’
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