उद्धव और रश्मि ठाकरे (फाइल फोटो)
- कारोबारी रिश्तों के कारण दागदार मंत्री पर कार्रवाई नहीं
- स्वप्नपूर्ति SRA प्रोजेक्ट में पुरातत्व विभाग के नियमों का उल्लंघन
- रश्मि ठाकरे और मनीषा वायकर ने खरीदी 125 करोड़ रुपए की जमीन
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मुंबई:
मुंबई में हुए एक सनसनीखेज खुलासे में ठाकरे परिवार के कारोबारी रिश्ते खुलकर सामने आए हैं. यह पहली बार है जब ठाकरे परिवार के कारोबारी रिश्ते शिवसेना के नेताओं से उजागर हुए हैं. मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरुपम ने संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि इन्हीं कारोबारी रिश्तों के कारण शिवसेना आलाकमान अपने दागदार नेता और गृह निर्माण राज्यमंत्री रवींद्र वायकर को कार्रवाई से बचा रही है.
पार्टी के मुखिया के परिवार के सदस्यों के साथ किसी नेता का कारोबारी रिश्ता सामने आने का यह शायद देश का पहला उदाहरण होगा।
संवाददाता सम्मलेन में पेश किए गए कागजात के आधार पर संजय निरुपम ने कुछ अहम दावे किए हैं. उन्होंने बताया कि विजयलक्ष्मी ग्रुप के स्वप्नपूर्ति SRA प्रोजेक्ट में उद्धव ठाकरे की पत्नी रश्मि के मामा दिलीप श्रृंगारपुरे और रवींद्र वायकर एक साथ हैं. स्वप्नपूर्ति SRA प्रोजेक्ट में पुरातत्व विभाग के नियमों का उल्लंघन हो रहा है.
निरुपम ने बताया कि शिवसेना पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे की पत्नी रश्मि और महाराष्ट्र के गृहनिर्माण राज्यमंत्री रवींद्र वायकर की पत्नी मनीषा जमीन के कई सौदों में एक साथ हैं. रश्मि ठाकरे और मनीषा वायकर ने रायगढ़ के कोर्लई गांव में अमूमन 125 करोड़ रुपए की करीब 25 एकड़ जमीन खरीदी है. 
संजय निरुपम का कहना है कि इतने सारे व्यावसायिक निवेश के लिए ठाकरे परिवार के पास इतना पैसा कहां से आया? इसकी जांच हो. साथ ही उनके तमाम सौदों की भी जांच हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस से कराई जानी चाहिए. 
विवाद के केंद्र में रहे शिवसेना नेता और महाराष्ट्र के गृहनिर्माण राज्यमंत्री रवींद्र वायकर पर मुंबई कांग्रेस पहले ही सरकारी जमीन के गबन और अवैध निर्माण के गंभीर आरोप लगा चुकी है. मंगलावर को हुए नए खुलासे में वायकर और ठाकरे परिवार का कारोबारी रिश्ता सामने आया है. 
वैसे इस मामले में मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस को भी कांग्रेस ने कटघरे में खड़ा किया है. पार्टी का आरोप है कि मुख्यमंत्री फडणवीस ने रवींद्र वायकर को भ्रष्टाचार के आरोपों से क्लीनचिट देते हुए विधानसभा को गुमराह किया. उधर, शिवसेना ने इस मामले पर चुप्पी साध ली है. पार्टी के सर्वोच्च परिवार का बचाव करने कोई भी नेता मीडिया के सामने नहीं आया.
पार्टी के मुखिया के परिवार के सदस्यों के साथ किसी नेता का कारोबारी रिश्ता सामने आने का यह शायद देश का पहला उदाहरण होगा।
संवाददाता सम्मलेन में पेश किए गए कागजात के आधार पर संजय निरुपम ने कुछ अहम दावे किए हैं. उन्होंने बताया कि विजयलक्ष्मी ग्रुप के स्वप्नपूर्ति SRA प्रोजेक्ट में उद्धव ठाकरे की पत्नी रश्मि के मामा दिलीप श्रृंगारपुरे और रवींद्र वायकर एक साथ हैं. स्वप्नपूर्ति SRA प्रोजेक्ट में पुरातत्व विभाग के नियमों का उल्लंघन हो रहा है.


संजय निरुपम का कहना है कि इतने सारे व्यावसायिक निवेश के लिए ठाकरे परिवार के पास इतना पैसा कहां से आया? इसकी जांच हो. साथ ही उनके तमाम सौदों की भी जांच हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस से कराई जानी चाहिए.

विवाद के केंद्र में रहे शिवसेना नेता और महाराष्ट्र के गृहनिर्माण राज्यमंत्री रवींद्र वायकर पर मुंबई कांग्रेस पहले ही सरकारी जमीन के गबन और अवैध निर्माण के गंभीर आरोप लगा चुकी है. मंगलावर को हुए नए खुलासे में वायकर और ठाकरे परिवार का कारोबारी रिश्ता सामने आया है.

वैसे इस मामले में मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस को भी कांग्रेस ने कटघरे में खड़ा किया है. पार्टी का आरोप है कि मुख्यमंत्री फडणवीस ने रवींद्र वायकर को भ्रष्टाचार के आरोपों से क्लीनचिट देते हुए विधानसभा को गुमराह किया. उधर, शिवसेना ने इस मामले पर चुप्पी साध ली है. पार्टी के सर्वोच्च परिवार का बचाव करने कोई भी नेता मीडिया के सामने नहीं आया.
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