- मुंबई के मलाड रेलवे स्टेशन पर कॉलेज लेक्चरर आलोक सिंह की चाकू मारकर हत्या हुई, विवाद के बाद आरोपी ने हमला किया
- आलोक की बहन पूजा सिंह ने बताया कि उनका भाई बहुत नेक और सहनशील था, जो कभी किसी से लड़ता नहीं था
- हत्या के दिन आलोक जल्दी घर लौट रहा था क्योंकि उसकी पत्नी का बर्थडे था, जिसे वह मनाना चाहता था
मुंबई लोकल ट्रेन में जिस कॉलेज लेक्चरर आलोक सिंह की चाकू मारकर हत्या हुई थी, उनकी बहन का रो-रोकर बुरा हाल है. आलोक की बहन पूजा सिंह का कहना है कि उनका भाई बहुत नेक और सब्र वाला था. उन्होंने कहा कि उन्हें यकीन नहीं हो रहा है कि आलोक अब नहीं रहे. उन्होंने बताया कि उस दिन उसकी पत्नी का बर्थडे और इसके लिए वो कॉलेज से घर जल्दी आ रहा था.
आलोक सिंह शनिवार को कॉलेज से घर लौट रहे थे, तभी मलाड रेलवे स्टेशन पर चाकू मारकर उनकी हत्या कर दी गई थी. स्टेशन पर ही आरोपी ओमकार नाथ शिंदे ने विवाद के बाद उन्हें चाकू मार दिया था.
आलोक की बड़ी बहन पूजा का कहना है कि उन्होंने उसे बचपन से पाला था. उनकी बहन का रो-रोकर बुरा हाल है. उन्होंने कहा, 'हम साथ में स्कूल जाते थे. कोई कुछ बोल देता था तो वो कहता था दीदी देखना. उसकी गलती कुछ नहीं थी. फिर भी उसके पेट में मार दिया.'
बहन बोली- उस दिन उसकी पत्नी का बर्थडे था
पूजा ने बताया कि आलोक बहुत सीधा था, वो कभी किसी से लड़ता-झगड़ता भी नहीं था. अपने काम को लेकर ईमानदार था. उन्होंने कहा, 'अभी उसकी इलेक्शन में ड्यूटी लगी थी, मुझे कॉल करके पूछता था लेकिन अब कोई मुझे फोन करके नहीं पूछेगा.'
उन्होंने बताया कि शनिवार को उसकी पत्नी का बर्थडे था, इसलिए वो कॉलेज से जल्दी निकल गया था. उन्होंने कहा, 'शनिवार को उसकी पत्नी का बर्थडे था. मैंने बोला कि तुम लोग बर्थडे मना लो मैं रविवार को आ जाउंगी. लेकिन मुझे शनिवार को ही आना पड़ा.'
उन्होंने आरोपी को लेकर कहा कि उसके अंदर थोड़ी भी इंसानियत नहीं थी. हम दोनों भाई बहन ही मुंबई में रहते थे. हमारी पूरी फैमिली यूपी में रहती है. उन्होंने कहा कि 'हम लोग घंटों बतिया लेते थे. कभी दो-दो महीने भी बात नहीं होती थी. लेकिन जब हम मिलते थे तो खूब बात करते थे. हमेशा कहता था कि दीदी तू सही बोलती है. अब कौन बोलेगा मुझे?'
आरोपी बोली- नहीं पता था कि वो मर जाएगा
शनिवार को मलाड स्टेशन पर आलोक सिंह और ओमकार शिंदे के बीच किसी बात पर विवाद हो गया था. तभी ओमकार ने अपने पास रखी नुकीली चीज उन्हें मार दी और भाग गया. आरोपी ओमकार ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसे अंदाजा नहीं था कि वो मर जाएगा. आरोपी मलाड के त्रिवेणी नगर में माता-पिता और बड़े भाई के साथ रहता था. बड़ा भाई एक प्राइवेट कंपनी में काम करता है. पिता दिल के मरीज हैं.
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