- शिवसेना मंत्री उदय सामंत ने स्पष्ट किया कि शिंदे का यह दौरा सांसदों से संवाद और मार्गदर्शन के लिए था
- शिंदे ने इस दौरान पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर राज्य के विकास पर चर्चा की
- उदय सामंत ने राहुल शेवाले की नाराज़गी की अफवाहों का खंडन करते हुए कहा कि वे पार्टी के साथ हैं
महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के हालिया दिल्ली दौरे को लेकर हलचल तेज है. राजनीतिक गलियारों में इस दौरे को ‘ऑपरेशन टाइगर' से जोड़कर देखा जा रहा है. कयास लगाए जा रहे हैं कि इस रणनीति के तहत शिवसेना (यूबीटी) के कई सांसद पाला बदलकर शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं.हालांकि, इन तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए शिवसेना के मंत्री उदय सामंत ने स्पष्ट किया है कि इस दौरे का ‘ऑपरेशन टाइगर' से कोई संबंध नहीं है. दिल्ली में शिंदे के साथ मौजूद रहे सामंत ने कहा कि यह दौरा पूरी तरह से सांसदों के साथ संवाद और मार्गदर्शन के उद्देश्य से किया गया था.
सामंत के अनुसार शिंदे साहब का यह दौरा सांसदों से मुलाकात के लिए था. महाराष्ट्र के विकास को गति देने के लिए सांसदों को एनडीए के साथ किस तरह समन्वय और सहयोग करना चाहिए, इस पर उन्होंने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि इस दौरे के दौरान शिंदे ने पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की. यह मुलाकात राज्य के विकास और केंद्र-राज्य समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई थी.
‘ऑपरेशन टाइगर' पर सीधा जवाब
जब ‘ऑपरेशन टाइगर' को लेकर सवाल पूछा गया, तो सामंत ने दो टूक कहा कि शिंदे साहब इस तरह के किसी ऑपरेशन के लिए दिल्ली नहीं गए हैं. उन्हें ऐसी किसी रणनीति को लागू करने की आवश्यकता नहीं है. उन्होंने शिंदे के राजनीतिक प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए किए गए कार्यों से उन्होंने अपनी क्षमता और नेतृत्व साबित किया है. इसी वजह से लोग खुद ही उनकी ओर आकर्षित होते हैं.
राहुल शेवाले की नाराज़गी की खबरों का खंडन
इसी बीच पूर्व सांसद राहुल शेवाले की कथित नाराज़गी को लेकर भी चर्चा हो रही थी. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सामंत ने कहा कि राहुल शेवाले शिवसेना के राष्ट्रीय महासचिव हैं और वे कहीं भी नाराज़ नहीं हैं. ऐसी अफवाहें फैलाने की कोई जरूरत नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि शेवाले हाल ही में उनके साथ थे और दोनों के बीच दिल्ली में संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा हुई. सामंत ने आगे कहा कि विभिन्न राज्यों में पार्टी के विस्तार को लेकर भी बातचीत हुई है. इसलिए यह कहना गलत है कि वे नाराज़ हैं.
एकनाथ शिंदे का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब महाराष्ट्र की राजनीति में दल-बदल और गठबंधन समीकरणों को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं. ‘ऑपरेशन टाइगर' जैसे शब्दों ने इन चर्चाओं को और हवा दी है.हालांकि, शिवसेना (शिंदे गुट) के नेताओं के बयान से यह साफ करने की कोशिश की जा रही है कि पार्टी फिलहाल संगठन मजबूत करने और केंद्र के साथ तालमेल बढ़ाने पर ध्यान दे रही है, न कि किसी बड़े राजनीतिक ऑपरेशन पर. आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इन बयानों के बाद राजनीतिक माहौल किस दिशा में जाता है और क्या वास्तव में ‘ऑपरेशन टाइगर' सिर्फ एक राजनीतिक अफवाह ही साबित होता है या इसके पीछे कोई रणनीतिक संकेत छिपा है.
यह भी पढ़ें: बीजेपी की रितु तावड़े बनीं मुंबई की नई मेयर, शिवसेना के संजय घाडी बने डिप्टी मेयर
यह भी पढ़ें: अजित पवार की मौत से टूटी तिकड़ी! एकनाथ शिंदे की ताकत बढ़ेगी? BMC मेयर चुनाव में गठबंधन की अग्निपरीक्षा
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं