शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो)
मुंबई:
मुंबई में बीएमसी (बृहन्मुम्बई महानगरपालिका) चुनावों को लेकर बीजेपी और शिवसेना में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा मालूम पड़ता है. फरवरी में होने वाले चुनावों के लिए अभी तक दोनों ही पार्टियों में सीटों के बंटवारे को लेकर कोई तालमेल नहीं हो पाया है. शिवसेना इसके लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहरा रही है.
शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा है कि उन्हें सीटों के बंटवारे पर कोई प्रस्ताव नहीं मिला है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा. गौरतलब है कि बीएमसी चुनाव की घोषणा बुधवार को ही हुई. शिवसेना प्रमुख ने कहा कि वैसे उन्हें सीटों के बंटवारे पर बातचीत आज ही शुरू होने की उम्मीद है लेकिन वह किसी भी आकस्मिक स्थिति के लिए भी तैयार हैं.
उन्होंने मुंबई में एक जनसभा में मोदी का नाम लिए बगैर कहा, ‘‘पहले, मैं ‘भाइयों और बहनो या मित्रों’ कहकर अपना संबोधन शुरू करता था लेकिन अब मैं इन शब्दों का इस्तेमाल नहीं करता क्योंकि लोग जब यह सुनते हैं तब जाने लगते हैं. आजकल चायवाले को ही ऐसा कहते हुए सुना जाता है.’’
उद्धव का यह कटाक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आठ नवंबर को बड़े पुराने नोटों का चलन बंद करने की घोषणा की सोशल मीडिया पर उड़ाये जा रहे मजाक के बीच आया है. राज्य निर्वाचन आयुक्त जे एस सहारिया ने बुधवार को घोषणा की कि मुंबई, ठाणे और पुणे समेत 10 नगर निगमों में 21 फरवरी को तथा 26 जिला परिषदों में 16 फरवरी एवं 21 फरवरी को दो चरणों में चुनाव होंगे. मतगणना 23 फरवरी को होगी.
उन्होंने कहा, ‘21 फरवरी को बृहन्मुम्बई महानगरपालिका चुनाव के वास्ते सीटों के बंटवारे पर मुझे अबतक कोई प्रस्ताव नहीं मिला है लेकिन मुझे आस है कि आज ही सीटों के बंटवारे पर वार्ता शुरू होगी.’ उन्होंने कहा, ‘यदि मैं (भाजपा के साथ गठबंधन पर) नकारात्मक होता तो मैं पार्टी नेताओं को प्रारंभिक वार्ता के लिए नहीं भेजता. मेरे पास सीटों के बंटवारे का एक फार्मूला है लेकिन मुझे अबतक कोई जवाब नहीं मिला है.’
(इनपुट भाषा से...)
शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा है कि उन्हें सीटों के बंटवारे पर कोई प्रस्ताव नहीं मिला है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा. गौरतलब है कि बीएमसी चुनाव की घोषणा बुधवार को ही हुई. शिवसेना प्रमुख ने कहा कि वैसे उन्हें सीटों के बंटवारे पर बातचीत आज ही शुरू होने की उम्मीद है लेकिन वह किसी भी आकस्मिक स्थिति के लिए भी तैयार हैं.
उन्होंने मुंबई में एक जनसभा में मोदी का नाम लिए बगैर कहा, ‘‘पहले, मैं ‘भाइयों और बहनो या मित्रों’ कहकर अपना संबोधन शुरू करता था लेकिन अब मैं इन शब्दों का इस्तेमाल नहीं करता क्योंकि लोग जब यह सुनते हैं तब जाने लगते हैं. आजकल चायवाले को ही ऐसा कहते हुए सुना जाता है.’’
उद्धव का यह कटाक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आठ नवंबर को बड़े पुराने नोटों का चलन बंद करने की घोषणा की सोशल मीडिया पर उड़ाये जा रहे मजाक के बीच आया है. राज्य निर्वाचन आयुक्त जे एस सहारिया ने बुधवार को घोषणा की कि मुंबई, ठाणे और पुणे समेत 10 नगर निगमों में 21 फरवरी को तथा 26 जिला परिषदों में 16 फरवरी एवं 21 फरवरी को दो चरणों में चुनाव होंगे. मतगणना 23 फरवरी को होगी.
उन्होंने कहा, ‘21 फरवरी को बृहन्मुम्बई महानगरपालिका चुनाव के वास्ते सीटों के बंटवारे पर मुझे अबतक कोई प्रस्ताव नहीं मिला है लेकिन मुझे आस है कि आज ही सीटों के बंटवारे पर वार्ता शुरू होगी.’ उन्होंने कहा, ‘यदि मैं (भाजपा के साथ गठबंधन पर) नकारात्मक होता तो मैं पार्टी नेताओं को प्रारंभिक वार्ता के लिए नहीं भेजता. मेरे पास सीटों के बंटवारे का एक फार्मूला है लेकिन मुझे अबतक कोई जवाब नहीं मिला है.’
(इनपुट भाषा से...)
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