महाराष्ट्र में 'ऑपरेशन टाइगर' के बाद एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हुए बागी सांसद के इलाके के लिए महायुति सरकार ने खजाना खोल दिया है. उद्धव ठाकरे के यवतमाल-वाशिम के दौरे के बीच बागी सांसद के क्षेत्र में पैसों की बारिश हुई है. महायुति सरकार ने यवतमाल-वाशिम के लिए 9.40 करोड़ रुपये का फंड मंजूर किया है. इसे लेकर सांसद संजय देशमुख ने एकनाथ शिंदे और सरकार का आभार जताया है. हालांकि, सियासी गलियारों में चर्चा इस बात की है कि यह कोई सियासी चाल है या फिर बगावत का इनाम.
यवतमाल-वाशिम के दौरे पर उद्धव ठाकरे
दरअसल, शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे आज 27 मई 2026 को बगावत कर एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हुए सांसद संजय देशमुख के लोकसभा क्षेत्र के दौरे पर हैं. इसी दौरे के बीच महायुति सरकार ने यवतमाल-वाशिम क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए 9 करोड़ 40 लाख रुपये का फंड जारी किया है.
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फंड न मिलने की थी शिकायत
बता दें कि बागी सांसद संजय देशमुख ने अपने क्षेत्र के विकास के लिए फंड न मिलने की शिकायत करते हुए ठाकरे गुट को अलविदा कहा था और वे शिंदे गुट की शिवसेना में शामिल हो गए थे. शिंदे गुट में शामिल होने के महज एक हफ्ते के भीतर ही संजय देशमुख ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए जानकारी दी है कि उनके लोकसभा क्षेत्र की विभिन्न नगर परिषदों के लिए 9 करोड़ 40 लाख रुपये मंजूर हो गए हैं. फंड मंजूर होने के बाद सांसद संजय देशमुख ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और महायुति सरकार का आभार जताया है.
किस नगर परिषद को कितना फंड मिला?
- यवतमाल: 2 करोड़ 5 लाख रुपये
- वाशिम: 1 करोड़ 65 लाख रुपये
- कारंजा: 1 करोड़ 50 लाख रुपये
- दिग्रस: 1 करोड़ 45 लाख रुपये
- कलंब: 1 करोड़ 20 लाख रुपये
- मंगरुलपीर: 80 लाख रुपये
- रालेगांव: 75 लाख रुपये
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