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This Article is From Mar 04, 2025

क्रिमिनल साइकोलॉजी पढ़ बना अपराधी, विदेश में बैठ मुंबई में बेच रहा ड्रग्स, ऐसे खड़ा किया करोड़ों का साम्राज्य

विदेश में बैठे पढ़े-लिखे नवीन चिचकर के इशारे पर मुंबई में नशे का कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है. NCB ने इस मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया है.

क्रिमिनल साइकोलॉजी पढ़ बना अपराधी, विदेश में बैठ मुंबई में बेच रहा ड्रग्स,  ऐसे खड़ा किया करोड़ों का साम्राज्य
मुंबई NCB ने ड्रग केस में 6 आरोपियों को किया गिरफ्तार.
मुंबई:

नवी मुंबई में पढ़े-लिखे युवा ड्रग्स का काला धंधा धड़ल्ले से कर रहे हैं. इस मामले में अब तक 6 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. मुंबई एनसीबी ने उनके पास से 200 करोड़ रुपये की कीमत के ड्रग्स भी बरामद (Mumbai Drugs) किए थे. एनसीबी सूत्रों के मुताबिक, भारत में ड्रग्स के इस कार्टेल को विदेश में बैठा नवीन चिचकर चला रहा है. अपने गुर्गों की मदद से वह भारत में नशे का काला कारोबार फैला रहा है.

कौन है नवीन चिचकर?

  •  नवीन चिचकर नवी मुंबई का रहने वाला है. 
  •  नवीन काफ़ी पढ़ा-लिखा है. उसने  लंदन से फ़िल्म एंड टेलीविजन का कोर्स किया है
  •  उसने क्रिमिनल साइकोलॉजी की भी पढ़ाई की है
  • ड्रग मामले में गिरफ्तार एक अन्य आरोपी ने भी विदेश में पढ़ाई की है
  •  2 अन्य आरोपी ग्रेजुएट हैं

मुंबई में पढ़े-लिखे युवा कर रहे ड्रग्स का कोरबार

सूत्रों के मुताबिक, नवीन द्वारा चलाए जाने वाले इस कार्टेल में काफ़ी पढ़े लिखे युवा शामिल हैं. नवीन का यह कार्टेल कोकेन और हाइब्रिड स्ट्रेन हाइड्रोपोनिक विड में डील करता है. अमेरिका से आने वाले एयरकार्गो के ज़रिए ड्रग्स को मुंबई लाया जाता है. फिर यहां से इसे अलग-अलग राज्यों में भेजा जाता है. इस कार्टेल ने सूत्रों की माने तो पिछले 2 साल में लगभग 1128 करोड़ रुपये के ड्रग्स भारत के अलग-अलग राज्यों में बेचे जा चुके हैं. 

2 साल में बेचे 1128 करोड़ के ड्रग्स

जांच में ये भी पता चला है कि आरोपी 2 साल में 80-90 किलो कोकेन बेच चुके हैं. जिसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 12-15 करोड़ रुपये प्रति किलो है. इसके अलावा आरोपियों ने 2 साल में करीब 60 किलो हाइब्रिड स्ट्रेन हाइड्रोपोनिक विड बेच दी, जिसकी कीमत करीब 80 लाख से एक करोड़ रुपये प्रति किलो है. मामले की जांच में ये भी पता चला है कि आरोपी महाराष्ट्र के अलग-अलग जिलों में भी ड्रग्स बेचते थे. अमेरिका से मुंबई लाए गए ड्रग्स को फिर से विदेश में बेचा जाता था. NCB सूत्रों के मुताबिक, ये ड्रग्स मुंबई से ऑस्ट्रेलिया भेजे जाते थे. 

कैसे ड्रग कार्टेल तक पहुंची NCB की टीम?

एनसीबी ने इस मामले में एच पटेल नाम के 30 साल के हवाला ऑपरेटर और नवी मुंबई के एक ट्रेडर  को धर दबोचा. माने का काम ड्रग्स डिस्ट्रीब्यूट करना और इसका कलेक्शन करना था. वह इससे मिले पैसों को एच पटेल के हवाला चैनल के जरिए सर्कुलेट करता था. पकड़े गए सभी आरोपी काफी पढ़े-लिखे होने के बाद भी नशे का ये काला कारोबार कर रहे थे.  एनसीबी ने इस ड्रग्स कार्टेल तक पहुंचने के लिए तकनीकी और ह्यूमन इंटेलिजेंस का सहारा लिया. जांच एजेंसी ने 31 जनवरी को नवी मुंबई से 11.540 किलो उच्च श्रेणी का कोकेन, 4.9 किलो हाइब्रिड स्ट्रेन हाइड्रोपोनिक वीड और 200 पैकेट (5.5 किलोग्राम) कैनबिस गमियां और 1,60,000 रुपये कैश बरामद किए थे. 
 

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