- नासिक के कॉर्पोरेट जिहाद मामले में आरोपी निदा खान को शरण देने वाले मतीन पटेल की संपत्तियों पर बुलडोजर चलेगा
- नगर निगम ने मतीन पटेल के अवैध निर्माण वाले मकान पर नोटिस चिपकाकर तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है
- मतीन पटेल के नारेगांव स्थित आवास और कार्यालय पर भी अतिक्रमण के नोटिस जारी किए गए हैं और जांच जारी है
नासिक के बहुचर्चित 'कॉर्पोरेट जिहाद' और जबरन धर्मांतरण मामले में आरोपी निदा खान को शरण देने वाले एआईएमआईएम (AIMIM) के पूर्व पार्षद मतीन पटेल की मुश्किलें अब और बढ़ गई हैं. नासिक पुलिस द्वारा इस मामले में मतीन पटेल को आरोपी बनाए जाने के बाद अब छत्रपति संभाजीनगर नगर निगम ने भी सख्त तेवर अपना लिए हैं. प्रशासन ने मतीन पटेल की उन संपत्तियों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी शुरू कर दी है जो अवैध रूप से निर्मित पाई गई हैं.
पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ था कि मुख्य आरोपी निदा खान गिरफ्तारी से बचने के लिए मतीन पटेल के घर में छिपी हुई थी. इसी जानकारी के आधार पर नगर निगम ने उस मकान का निरीक्षण किया, जहां पाया गया कि यह निर्माण बिना किसी आधिकारिक अनुमति के और अतिक्रमण करके किया गया है. नगर निगम की टीम ने मतीन पटेल के घर के बाहर नोटिस चिपका दिया है, जिसमें स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि यदि अगले 3 दिनों के भीतर इस अवैध निर्माण को लेकर संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया, तो इसे पूरी तरह ध्वस्त कर दिया जाएगा.

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निदा खान पर आरोप है कि उसने नासिक की एक प्रतिष्ठित कंपनी में अपनी सहकर्मी का ब्रेनवॉश कर उसे धर्मांतरण के लिए मजबूर किया और उसे विदेश भेजने की साजिश रची थी. इस मामले के सामने आने के बाद से ही पुलिस निदा की तलाश में थी, जो अंततः मतीन पटेल के घर से पकड़ी गई. अब पुलिस और नगर निगम की इस दोहरी घेराबंदी ने मतीन पटेल के लिए बड़ी कानूनी और राजनीतिक चुनौतियां खड़ी कर दी हैं. फिलहाल, पूरे इलाके में इस बुलडोजर कार्रवाई की चर्चा जोरों पर है और नगर निगम की अगली कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं.
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