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कैदी ने 'गिरगिट की तरह' रंग बदला, फिर हो गया जेल से फरार, महाराष्‍ट्र जेल की इनसाइड स्‍टोरी

शेख अमजद असद ने जेल में 'गिरगिट की तरह' रंग बदला और भागने की साजिश रची, जिसमें वह कामयाब हो गया. अमजद को 2018 में हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, 2020 में उम्रकैद की सजा मिली, 2024 में हर्सूल जेल में ट्रांसफर किया गया था.

कैदी ने 'गिरगिट की तरह' रंग बदला, फिर हो गया जेल से फरार, महाराष्‍ट्र जेल की इनसाइड स्‍टोरी
  • शेख अमजद असद जो हत्या के दोषी है, जो छत्रपति संभाजीनगर के हर्सूल जेल से फरार हो गया
  • जेल में व्‍यवहार में सुधार दिखाकर उसने साफ-सफाई का काम पाया और उसी दौरान जेल से भाग निकले
  • अमजद को 2018 में अपहरण और हत्या के मामले में गिरफ्तार कर 2020 में उम्रकैद की सजा हुई थी
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मुंबई:

जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे हत्‍या के दोषी शेख अमजद असद का व्‍यवहार एकदम से बदल गया. वह सबके साथ अच्‍छे से बातचीत करने लगा, जेल नियमों का अच्‍छे से पालन करने लगा. शेख अमजद असद का ये बदला हुआ रूप जेल अधिकारियों की नजर में भी आया. जेल अधिकारियों को लगा कि शेख अमजद असद अब सुधर गया है, इसलिए उसे जेल में साफ-सफाई का काम सौंप दिया गया. लेकिन शेख अमजद असद का ये बदला हुआ रूप एक धोखा था, जिसे कोई पहचान नहीं पाया. शेख अमजद असद इसी का फायदा उठाकर जेल से फरार हो गया. मामला छत्रपति संभाजीनगर स्थित हर्सूल मध्यवर्ती जेल का है.  


जेल प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर भाग

छत्रपति संभाजीनगर स्थित हर्सूल मध्यवर्ती कारागृह से रविवार दोपहर उम्रकैद की सजा काट रहे एक कैदी के फरार होने की चौंकाने वाली घटना सामने आई है. फरार कैदी का नाम शेख अमजद असद उर्फ मोहसीन बताया गया है. एक जघन्य हत्या के मामले में सजा भुगत रहा यह कैदी जेल प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर भाग निकला, जिससे जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं. हालांकि, जेल अधिकारियों ने अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है.

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2 साल से बना रहा था जेल से फरार होने की साजिश!

अमजद को साल 2018 में अपहरण और हत्या जैसे गंभीर अपराध में गिरफ्तार किया गया था. साल 2020 में अदालत ने अमजद को उम्रकैद की सजा सुनाई थी. शुरुआत में उसे अमरावती जेल में रखा गया था, लेकिन जुलाई 2024 में उसे हर्सूल कारागृह में स्थानांतरित किया गया. ऐसा माना जा रहा है कि अमजद ने तभी जेल से फरार होने की साजिश पर काम करना शुरू कर दिया था. उसने जेल के कौने-कौने की पहचान की और फिर आखिरकार रविवार को मौका देख जेल से फरार हो गया. 

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इस तरह दिया जेल अधिकारियों को झांसा

अमजद ने जब पूरी प्‍लानिंग कर ली, तब उसने अपना आखिरी दांव खेला. बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से अमजद जेल में बेहद शांत और अच्छे व्यवहार का दिखावा कर रहा था. जेल अधिकारी भी इस झांसे में आ गए. अच्‍छे व्यवहार पर भरोसा करते हुए जेल प्रशासन ने अमजद को ‘खुले कारागृह प्रक्रिया' के तहत परिसर की साफ-सफाई का काम सौंपा दिया था. इसी का फायदा उठाकर अमजद मौका देखकर जेल से फरार हो गया. पुलिस अब फरार अमदज की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चला रही है. अधिकारियों का मानना है कि जल्‍द ही अमजद फिर सलाखों के पीछे होगा.

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