- चालकों को भाषा सीखने के लिए 30 दिन का नोटिस दिया जाएगा
- 30 दिन बाद लाइसेंस 3 महीने के लिए सस्पेंड कर दिया जाएगा
- 3 महीने बाद भी नहीं सीखी भाषा तो स्थायी रूप से रद्द हो जाएगा लाइसेंस
मुंबई में राज्य सरकार और परिवहन विभाग द्वारा मराठी सीखने के लिए दी गई मोहलत खत्म हो चुकी है. मंगलवार से मुंबई में मराठी भाषा नहीं बोल पाने वाले गैर-मराठी ऑटो और टैक्सी चालकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है. राहत की बात यह है कि मराठी न आने पर लाइसेंस तुरंत रद्द नहीं किया जाएगा, बल्कि चालकों को भाषा सीखने के लिए 30 दिन का नोटिस दिया जाएगा. 30 दिन के नोटिस पीरियड के बाद भी यदि चालक मराठी नहीं सीख पाते हैं, तो उनका लाइसेंस 3 महीने के लिए सस्पेंड कर दिया जाएगा.
लाइसेंस होगा स्थायी रूप से रद्द
3 महीने के सस्पेंशन के बाद भी यदि चालक मराठी बोलने में असमर्थ रहते हैं, तो उनका लाइसेंस परमानेंटली कैंसिल यानी स्थायी रूप से रद्द कर दिया जाएगा. कानून के इस नए प्रावधान के तहत, जिन चालकों ने अभी तक मराठी नहीं सीखी है, उनके पास कुल मिलाकर अभी भी 4 महीने का समय है.
सर्टिफिकेट धारकों को बड़ी राहत
परिवहन मंत्री शिंदे गुट नेता प्रताप सरनाईक ने स्पष्ट किया है कि जिन लगभग 1.25 लाख चालकों ने मराठी भाषा का कोर्स पूरा कर लिया है और सर्टिफिकेट प्राप्त कर चुके हैं, उन पर कोई कार्रवाई नहीं होगी. इन चालकों को घबराने की जरूरत नहीं है.
105 दिन के अभियान में सवा लाख चालकों ने सीखी मराठी
ठाणे में आयोजित 'हिंदुहृदयसम्राट बाळासाहेब ठाकरे मराठी भाषा पाठ्यक्रम अभियान' के समापन समारोह में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि मराठी 'सक्तीची नव्हे, भक्तीची भाषा' है. उनके मुताबिक, 105 दिन चले अभियान के दौरान करीब 1.25 लाख ऑटो-टैक्सी चालकों ने मराठी सीखकर परीक्षा पास की और उन्हें प्रमाणपत्र दिए गए. शिंदे ने कहा कि मराठी सीखने वाले गैर-मराठी भाषियों की टिंगल करने के बजाय उनसे मराठी में संवाद किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि भाषा कानून के डर से नहीं, बल्कि प्रेम और सम्मान से सीखी जानी चाहिए. लेकिन दूसरी ओर परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने नियमों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि अब 'मैं मराठी नहीं बोलूंगा' वाला रवैया स्वीकार नहीं किया जाएगा.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं