सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली आकर्षक रील्स और भारी मुनाफे के दावों के बीच मुंबई में साइबर ठगी का एक नया मामला सामने आया है. वर्ली निवासी एक व्यक्ति को 5 रुपये के पुराने नोट के बदले 51 लाख रुपये मिलने का लालच दिया गया और इसी झांसे में आकर उसने लाखों रुपये गंवा दिए. इंस्टाग्राम पर दिखे एक विज्ञापन के बाद पीड़ित ने आरोपियों से संपर्क किया, जिसके बाद उसे विभिन्न शुल्क और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर पैसे जमा कराने के लिए कहा गया. आखिरकार उसे एहसास हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुका है.
इंस्टाग्राम रील से शुरू हुआ पूरा खेल
पुलिस के अनुसार पीड़ित ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक रील देखी, जिसमें पुराने 5 रुपये के नोटों के बदले बड़ी रकम मिलने का दावा किया गया था. विज्ञापन में कहा गया था कि विशेष नंबर या पुराने नोटों की भारी कीमत मिल सकती है. रील से प्रभावित होकर पीड़ित ने दिए गए नंबर पर व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क किया. इसके बाद जालसाजों ने उसे अपने पास मौजूद 5 रुपये के पुराने नोटों की तस्वीरें भेजने के लिए कहा.

पांच रुपये के पुराने नोट के बदले लाखों रुपये का झांसा
51 लाख रुपये मिलने का दिया झांसा
पीड़ित ने 5 रुपये के पांच पुराने नोटों की तस्वीरें आरोपियों को भेज दीं. इसके बाद कथित खरीदारों ने दावा किया कि इन नोटों के बदले उसे 51 लाख रुपये मिल सकते हैं. विश्वास जीतने के लिए शुरुआत में आरोपियों ने एक क्यूआर कोड भेजा और प्रोसेसिंग शुल्क के नाम पर 11 हजार रुपये जमा कराने को कहा. ये रकम जमा होने के बाद ठग आगे भी लगातार औपचारिकताओं का हवाला देते रहा और पैसे मांगता रहा.
अलग-अलग खातों में जमा कराए पैसे
बड़े मुनाफे का लालच देकर आरोपियों ने पीड़ित से कई बार धनराशि जमा कराई. 4 जून से 12 जून 2026 के बीच उसे अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करने के लिए कहा गया. इस दौरान पीड़ित ने कुल 3,03,231 रुपये जमा कर दिए. जब बार-बार भुगतान के बावजूद 51 लाख रुपये नहीं मिले, तब उसे ठगी का एहसास हुआ.
वर्ली पुलिस ने दर्ज किया मामला
पीड़ित की शिकायत पर वर्ली पुलिस स्टेशन में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने आईटी एक्ट की धारा 66(C) और 66(D) के अलावा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 319(2) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. जांच एजेंसियां उन बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटा रही हैं, जिनका इस्तेमाल ठगी के दौरान किया गया.
सोशल मीडिया पर फर्जी दावों से सावधान रहने की सलाह
पुलिस का कहना है कि फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पुराने नोटों और सिक्कों के बदले लाखों-करोड़ों रुपये मिलने के दावे अक्सर फर्जी होते हैं. साइबर ठग ऐसे विज्ञापनों के जरिए लोगों को लालच में फंसाते हैं और फिर प्रोसेसिंग फीस, जीएसटी, रजिस्ट्रेशन शुल्क या अन्य बहानों से पैसे ऐंठ लेते हैं.
इनपुट : ऋतिक गणकवर
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