विज्ञापन

महाराष्ट्र: सभी स्कूलों में मराठी पढ़ाना जरूरी, आदेश नहीं माना तो मान्यता रद्द होगी, 1 लाख का जुर्माना लगेगा

महाराष्ट्र के सभी स्कूलों में पहली से दसवीं तक मराठी भाषा को अनिवार्य कर दिया गया है. आदेश नहीं मानने पर स्कूलों की मान्यता रद्द कर दी जाएगी.

महाराष्ट्र: सभी स्कूलों में मराठी पढ़ाना जरूरी, आदेश नहीं माना तो मान्यता रद्द होगी, 1 लाख का जुर्माना लगेगा
सांकेतिक तस्वीर.
  • महाराष्ट्र सरकार ने पहली से दसवीं कक्षा तक सभी स्कूलों में मराठी भाषा पढ़ाना अनिवार्य कर दिया है
  • मराठी पढ़ाने के लिए स्कूलों में योग्य मराठी शिक्षकों की नियुक्ति करना होगा और उनकी भर्ती सुनिश्चित करनी होगी
  • शिक्षा अधिकारियों और निरीक्षण टीमों में मराठी शिक्षकों को शामिल कर नीति के पालन की निगरानी भी की जाएगी
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
मुंबई:

महाराष्ट्र के स्कूलों के लिए बड़ा आदेश जारी हो गया है. महाराष्ट्र के स्कूलों में अब पहली से 10वीं तक की क्लास में मराठी पढ़ाना अनिवार्य कर दिया गया है. उल्लंघन करने पर जुर्माना और मान्यता रद्द करने तक का प्रावधान है. आदेश के मुताबिक, स्कूलों में मराठी पढ़ाने के लिए मराठी भाषा को अच्छे से जानने वाले योग्य शिक्षकों को भर्ती करने को कहा गया है.

यह आदेश सभी स्कूलों पर लागू होगा, फिर चाहे उनका प्रबंधन, माध्यम या बोर्ड कोई भी होगा. यह फैसला आने वाले शैक्षणिक वर्ष से लागू किया जाएगा. सरकार ने चेतावनी दी है कि जो स्कूल मराठी शिक्षकों की नियुक्ति नहीं कर पाते हैं, उनकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी.

इस आदेश में क्या-क्या है?

  • महाराष्ट्र के सभी स्कूलों में मराठी भाषा पढ़ाना जरूरी होगा.
  • मराठी भाषा पढ़ाने के लिए मराठी शिक्षकों की भर्ती करना होगा.
  • शिक्षा अधिकारियों और निरीक्षण टीमों में भी मराठी शिक्षकों को शामिल किया जाएगा.
  • सभी स्कूलों मराठी भाषा नीति को लागू करना होगा और पालन करना होगा.
  • सभी स्कूलों को शिक्षा निदेश को एक रिपोर्ट पेश करना होगा.

यह भी पढ़ेंः “मराठी भाषा जैनों की देन, महारानी ताराबाई भी जैन थीं?” बयान से महाराष्ट्र में मचा सियासी तूफान

क्यों लिया गया ये फैसला?

ताकि महाराष्ट्र के सभी स्कूलों में मराठी भाषा नीति को लागू करवाया जा सके. सरकार ने फैसला लिया है कि शिक्षा के उप निदेशकों, शिक्षा अधिकारियों और निरीक्षण टीमों में मराठी शिक्षकों को भी शामिल किया जाएगा. ये टीमें इस बात की जांच करेंगी कि नीति लागू होने के दो महीने के भीतर सभी स्कूलों में मराठी भाषा नीति का पालन हो रहा है या नहीं.

और अगर आदेश नहीं माना तो...?

महाराष्ट्र के सभी स्कूलों में पहली से दसवीं तक मराठी भाषा को अनिवार्य कर दिया गया है. अगर कोई स्कूल इस आदेश को नहीं मानता है तो उस पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है और उसकी मान्यता भी रद्द हो सकती है.

यह भी पढ़ेंः नासिक TCS कांड में बड़ा खुलासा: दो महीने से ठाणे में रह रही थी निदा खान, पति बोला– किसी और महिला के साथ चली गई

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com