महाराष्ट्र के बदलापुर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां फीमेल स्पर्म बेचने वाले रैकेट का पर्दाफाश हुआ है. एक महिला अपने घर से ही यूट्रस में फीमेल स्पर्म (ओव्यूलेशन) बढ़ाने के इंजेक्शन देकर गैर-कानूनी तरीके से फीमेल एग्स बेच रही है. इस मामले में बदलापुर ईस्ट पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.
घर से ही चला रही थी रैकेट
मिली जानकारी के मुताबिक, बदलापुर के जुवेली गांव में रहने वाली 44 साल की सुलक्षणा जयवंत गाडेकर ने अपने घर में गैर-कानूनी तरीके से ओव्यूलेशन बढ़ाने के इंजेक्शन रखे हुए थे. जरूरतमंद महिलाओं को पैसे का लालच देकर बिना डॉक्टर की सलाह के सोनोग्राफी के बाद संबंधित इंजेक्शन दिए जाते थे. उसके बाद यूट्रस में फीमेल स्पर्म बढ़ने पर महिलाओं को IVF/ART सेंटर भेजा जाता था और वहां के डॉक्टर ऑपरेशन थिएटर में एग्स निकालकर बेच देते थे.
जांच के दौरान, आरोपी महिला के मोबाइल फोन में प्रेग्नेंसी के लिए इस्तेमाल किए गए इंजेक्शन की तस्वीरें, सोनोग्राफी की तस्वीरें, कुछ महिलाओं के गलत नाम से बनाए गए एफिडेविट, नकली डॉक्यूमेंट, कई महिलाओं की तस्वीरें और फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन से जुड़ी जानकारी मिली.
पुलिस ने दर्ज किया केस
इस मामले में बदलापुर सब-डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल की चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. ज्योत्सना सावंत की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है. शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपियों ने सोनोग्राफी सेंटर, IVF/ART सेंटर ड्राइवर, इंजेक्शन सप्लायर और नकली डॉक्यूमेंट बनाने वाले लोगों के साथ मिलीभगत करके महिलाओं को डोनर के तौर पर काम पर लगाकर बार-बार उनका शोषण किया.
इस मामले में सुलक्षणा गाडेकर के अलावा उल्हासनगर की अश्विनी चाबुकस्वार और मंजूषा वानखड़े के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. इस बीच, इस घटना से बदलापुर इलाके में चल रहे एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश होने की उम्मीद है और बदलापुर ईस्ट पुलिस इस रैकेट की पूरी जांच कर रही है.
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