महाराष्ट्र में पिछले दो हफ्तों से लगातार छोटे-छोटे भूकंप आ रहे हैं. यहां सबसे ज्यादा भूकंप के झटके नासिक और पालघर में महसूस किए गए हैं. विशेषज्ञ इसे ‘अर्थक्वेक स्वॉर्म' कहते हैं. आसान शब्दों में इसे भूकंपों का झुंड भी कहा जा सकता है.
कितने भूकंप के झटके आए?
जानकारी के लिए बता दें इसी साल 30 जुलाई से 14 अगस्त के बीच महाराष्ट्र में 29 बार धरती डोली. इनमें नासिक में 24 भूकंप आए, पालघर में चार और नागपुर में एक भूकंप दर्ज किया गया. इनकी तीव्रता 2 से 4.3 के बीच मापी गई. ये भूकंप जमीन के करीब 5 से 8 किलोमीटर नीचे आए.
इस दौरान सबसे तेज भूकंप 8 अगस्त को नासिक में आया था जिसकी तीव्रता 4.3 रही. यह भूकंप 5 किलोमीटर की गहराई में दर्ज किया गया.
असल में कुछ दिनों से लगातार नासिक और आसपास के इलाकों में ऐसे ही भूकंप के झटके महसूस हो रहे हैं. लोग भी इस वजह से डर गए हैं. 6 अगस्त को नासिक में छह झटके आए थे. वहीं, 8 अगस्त को चार और 10 अगस्त को भी चार भूकंप के झटके महसूस किए गए. अब समझने की कोशिश करते हैं कि आखिर ‘अर्थक्वेक स्वॉर्म' होता क्या है?
अर्थक्वेक स्वॉर्म क्या होता है?
जानकारी के मुताबिक, जब किसी इलाके में थोड़े समय के अंदर बार-बार छोटे भूकंप आते हैं तो उसे ‘अर्थक्वेक स्वॉर्म' कहा जाता है. आमतौर पर जब कोई बड़ा भूकंप आता है तो उसके बाद आसपास छोटे-छोटे झटके महसूस होते हैं. इन्हें आफ्टरशॉक कहा जाता है.
लेकिन अर्थक्वेक स्वॉर्म आफ्टरशॉक से अलग होता है. इसमें यह जरूरी नहीं है कि पहले कोई बड़ा भूकंप आए और उसके बाद ही छोटे झटके महसूस हों. इसमें लगातार थोड़े-थोड़े अंतराल पर कम तीव्रता वाले भूकंप आते रहते हैं.
नासिक में क्यों लगातार भूकंप?
अब सवाल यहां पर आता है कि आखिर नासिक में लगातार भूकंप के झटके क्यों महसूस हो रहे हैं? इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए IIT बॉम्बे के भूकंप विशेषज्ञ प्रोफेसर दीपांकर चौधरी बताते हैं कि मानसून के महीनों में इस प्रकार की गतिविधियां ज्यादा देखने को मिलती हैं.
उनके अनुसार, नासिक दक्कन के पठार इलाके में पड़ता है और वहां जमीन के नीचे विशाल चट्टानें मौजूद हैं. इन चट्टानों में छोटी-छोटी दरारें होती हैं. बारिश का पानी जब इन दरारों में भरता है तो दबाव बढ़ जाता है. यही दबाव ऊर्जा के रूप में बाहर निकलता है और छोटे-छोटे भूकंप के झटके महसूस होते हैं. दूसरे शब्दों में इसे हाइड्रो सिस्मिकिटी भी कहा जाता है.
वैसे नासिक और पालघर में यह पहली बार नहीं है जब लोगों ने इस प्रकार के भूकंप के झटके महसूस किए हों, उनके लिए यह स्थिति नई नहीं है. साल 2023 में भी पालघर में ऐसे ही भूकंप के झटके महसूस किए गए थे और 2019 में भी लगातार छोटे भूकंप आए थे.
मुंबई के लिए कोई बड़ा खतरा?
वैसे विशेषज्ञ यह नहीं मानते कि इन छोटे भूकंपों की वजह से मायानगरी मुंबई के लिए कोई बहुत बड़ा खतरा है. नासिक में इस समय जो भूकंप आ रहे हैं, वे काफी कम गहराई वाले हैं. ऐसे भूकंपों की ऊर्जा ज्यादा दूर तक नहीं जाती.
विशेषज्ञ इतना जरूर कह रहे हैं कि भूकंपरोधी इमारतों की जरूरत पहले से कहीं ज्यादा बढ़ चुकी है. इंफ्रास्ट्रक्चर भी मजबूत होना चाहिए जिससे भविष्य में आने वाले किसी भी तरह के भूकंप से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके.
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