- कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल ने टीपू सुल्तान की तुलना शिवाजी महाराज से करने पर माफी मांगी है
- सपकाल ने भाजपा पर आरोप लगाया कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश कर विवादित बनाया जा रहा है
- शिवसेना (UBT) और विश्व हिंदू परिषद ने सपकाल की तुलना की टिप्पणी की कड़ी निंदा की है
महाराष्ट्र की सियासत में कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल के बयान को लेकर घमासान मचा हुआ था. दरअसल उन्होंने टीपू सुल्तान की तुलना शिवाजी महाराज से कर ऐसी फजीहत मोल ली कि अब उन्हें माफी मांगनी पड़ी. उन्होंने कहा कि यह माफी वह ‘शिवप्रेमियों' और छत्रपति शिवाजी महाराज के अनुयायियों से मांग रहे हैं. सपकाल का कहना है कि उनके बयान का उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था.
बयान तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप
छत्रपति शिवाजी महाराज की तुलना टीपू सुल्तान से किए जाने को लेकर जारी विवाद के बीच कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाया कि वह उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश कर जनता का ध्यान प्रमुख मुद्दों से भटकाने के लिए विवाद खड़ा कर रही है.
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शिवसेना (UBT) और विहिप की कड़ी प्रतिक्रिया
सोमवार को विपक्षी खेमे में सपकाल अलग-थलग दिखे, क्योंकि शिवसेना (UBT) ने 18वीं सदी के मैसुरु के शासक और मराठा साम्राज्य के संस्थापक के बीच तुलना की निंदा की. विश्व हिंदू परिषद (VHP) के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने भी एक महाराष्ट्रीयन नेता द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज पर ऐसी टिप्पणी पर आश्चर्य जताया.
सपकाल ने धमकियों के बावजूद झुकने से इनकार किया
सपकाल ने कहा कि वह BJP नेताओं की धमकियों के आगे नहीं झुकेंगे, जिन्होंने उनकी जीभ काटने पर इनाम देने की बात कही है. उन्होंने कहा कि यदि उनके खिलाफ कार्रवाई से किसानों को राहत, अनुचित व्यापार समझौतों की समाप्ति और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को रोकने में मदद मिलती है, तो वह इसके परिणाम भुगतने को तैयार हैं.
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टीपू सुल्तान के चित्र को लेकर मालेगांव में विवाद
शनिवार को मालेगांव महानगरपालिका के उपमहापौर शान-ए-हिंद निहाल अहमद के कार्यालय में टीपू सुल्तान के चित्र को लेकर विवाद खड़ा हुआ. शिवसेना पार्षदों और हिंदू संगठनों ने इस पर आपत्ति जताई. सपकाल ने कहा कि उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज की वीरता और ‘स्वराज्य' की अवधारणा का उल्लेख करते हुए अंग्रेजों के विरुद्ध टीपू सुल्तान के आह्वान का उदाहरण दिया था. उन्होंने दावा किया कि यह तुलना नहीं थी. पुणे में उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने टिप्पणी की कड़ी निंदा की.
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