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गोरेगांव के बाद वर्ली के म्यूजिक कॉन्सर्ट में नशे से मौत, आयोजक समेत हिरासत में कई लोग; अभी दर्ज नहीं है FIR

मुंबई में एक म्यूजिक कॉन्सर्ट के दौरान एक युवक की तबीयत खराब होने से मौत हो गई. बताया जा रहा है कि यह नशे की हालत में था और काफी मात्रा में शराब का सेवन किया था. इस घटना के बाद मुंबई में एक बार फिर से म्यूजिक कॉन्सर्ट में मौतों को लेकर मामला चर्चा में आ गया है.

गोरेगांव के बाद वर्ली के म्यूजिक कॉन्सर्ट में नशे से मौत, आयोजक समेत हिरासत में कई लोग; अभी दर्ज नहीं है FIR
मुंबई में म्यूजिक कॉन्सर्ट बन रहे जानलेवा (सांकेतिक तस्वीर).

मुंबई में होने वाले लाइव म्यूजिक कॉन्सर्ट्स (Music Concerts) अब युवाओं के लिए मनोरंजन की जगह जान का जोखिम बनते जा रहे हैं. गोरेगांव के नेस्को (NESCO) में हुई दर्दनाक घटना के कुछ ही दिनों बाद, अब दक्षिण मुंबई के वर्ली इलाके में स्थित प्रसिद्ध NSCI डोम कॉन्सर्ट से एक और हैरान करने वाला मामला सामने आया है. भारी भीड़ के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में अचानक एक 28 वर्षीय युवक की तबीयत बिगड़ी और अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया. लगातार आ रहे इन मामलों ने मुंबई की नाइटलाइफ, सुरक्षा व्यवस्था और कॉन्सर्ट्स में बढ़ते नशे के चलन पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

शराब के नशे में था युवक और महिला मित्र

ताजा मामला ताड़देव थाना क्षेत्र के वर्ली के NSCI डोम का है, जहां शनिवार को माहीम के रहने वाले 28 वर्ष का वृषभ महेंद्र गांगुर्डे की मौत हो गई. सूत्रों के अनुसार, युवक नशे की हालत में था. उसके साथ महिला मित्र भी थी और उसने भी कथित तौर पर शराब का सेवन किया था. रात करीब 9 बजे जब दोनों की तबीयत खराब हुई तो दोनों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई, जबकि युवती की हालत स्थिर बताई जा रही है. पुलिस जांच में अब तक किसी भी तरह के ड्रग्स सेवन के सबूत नहीं मिले हैं.

कार्डियक अरेस्ट की आई वजह

मृतक की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की जानकारी भी सामने आई है. शुरुआती जांच में युवक की मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट बताई गई है. इस मामले में ताड़देव पुलिस ने आयोजकों समेत 8 से 10 लोगों को हिरासत में लिया है और पूछताछ कर रही है, लेकिन मामले में अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है. हालांकि, पुलिस जांच तेजी से कर रही है.

तय समय पर खत्म हुआ कार्यक्रम, कॉन्सर्ट में लगे थे 4 स्टॉल

सूत्रों के मुताबिक, मृतक वृषभ गांगुर्डे ने कॉन्सर्ट में अत्यधिक शराब का सेवन किया था. कॉन्सर्ट में शराब के 4 स्टॉल थे, जिसे एक्साइज विभाग की मंजूरी थी. शाम 6 से रात 10 बजे तक चले इस कॉन्सर्ट का प्रति व्यक्ति टिकट 4,000 रुपये था. पुलिस सूत्रों के अनुसार, कार्यक्रम को तय समय पर ही खत्म कर दिया गया था. पुलिस कॉन्सर्ट में शराब परोसने और अन्य जरूरी लाइसेंसों की बारीकी से जांच कर रही है.

पुलिस को पीएम रिपोर्ट का अभी इंतजार

अधिकारियों ने फिलहाल ड्रग एंगल को खारिज कर दिया है. युवक की मौत का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है, जिसके लिए पोस्टमॉर्टम और अन्य फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.

पुलिस ने नहीं दी थी अनुमति

सूत्रों के मुताबिक, ताड़देव पुलिस ने वर्ली में आयोजित म्यूजिक कॉन्सर्ट को अनुमति देने से इनकार किया था. गोरेगांव नेस्को म्यूजिक कॉन्सर्ट में हुई घटना के मद्देनजर पुलिस ने अनुमति पर आपत्ति जताई थी,  लेकिन इसके बावजूद कथित तौर पर वरिष्ठ स्तर से इस भारी भीड़ वाले कार्यक्रम को हरी झंडी दे दी गई. अब पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि आपत्तियों के बाद भी मंजूरी कैसे मिली.

नेस्को की त्रासदी

वर्ली की यह घटना इसलिए अधिक डरावनी है क्योंकि कुछ ही दिन पहले गोरेगांव के नेस्को एग्जिबिशन सेंटर में हुए एक बड़े कॉन्सर्ट में दो MBA छात्रों की जान चली गई थी. वहां करीब 4,000 लोगों की भीड़ के बीच साउथ मुंबई के एक नामी कॉलेज के छात्रों ने कथित तौर पर पार्टी ड्रग 'एक्स्टसी' (MDMA) और शराब का जानलेवा कॉम्बिनेशन लिया था. डांस और अत्यधिक शारीरिक थकावट के बीच ड्रग ओवरडोज के कारण एक 28 वर्षीय युवक और एक 24 वर्षीय युवती की तड़प-तड़प कर मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य को आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा था.

बड़ी कार्रवाई

गोरेगांव नेस्को मामले में पुलिस ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए छह विशेष जांच टीमें (SIT) बनाई थीं. जांच के दौरान यह बात सामने आई कि सुरक्षा व्यवस्था में भारी चूक थी, जिसके चलते आयोजन स्थल के अंदर धड़ल्ले से ड्रग्स की सप्लाई हुई. इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इवेंट मैनेजमेंट कंपनी 'इंस्पायरिंग टाई' के मालिक आकाश सामल और नेस्को लिमिटेड के लाइव इवेंट्स के वाइस प्रेसिडेंट बालकृष्ण कुरुप और मैनेजर सनी जैन सहित अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें हांगकांग से जुड़ा मुख्य ड्रग सप्लायर महेश खेमलानी भी शामिल है. फिलहाल कुछ आरोपी जेल में हैं तो कुछ को कोर्ट से जमानत मिल चुकी है.

गंभीर चिंताएं

मुंबई में एक के बाद एक हुए इन दोनों हादसों ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या महानगर के म्यूजिक कॉन्सर्ट्स अब ड्रग्स, शराब और अनियंत्रित भीड़ के कॉकटेल बन चुके हैं? जहां एक तरफ नेस्को मामले ने साफ कर दिया कि सिंथेटिक ड्रग्स (MDMA) किस तरह चंद घंटों में युवाओं के अंगों को फेल कर सकती है, वहीं वर्ली मामले ने अत्यधिक शराब और बेकाबू भीड़ से होने वाली घुटन के खतरों को उजागर किया है. एंटरटेनमेंट के नाम पर सुरक्षा नियमों और पुलिस की चेतावनियों को ताक पर रखना सीधे तौर पर युवाओं की जिंदगी से खिलवाड़ साबित हो रहा है.

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