- नागपुर 12वीं पेपर लीक मामले में पुलिस ने एसआईटी का गठन किया है
- एसआईटी ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है
- 'सेंट उर्सुला' परीक्षा केंद्र से रसायन विज्ञान का पेपर लीक होने की पुष्टि हुई थी
महाराष्ट्र के नागपुर में 12वीं कक्षा के पेपर लीक मामले में की जांच के लिए पुलिस एक्टिव हो गई है. पुलिस इस लीक के लिए एक स्पेशल टाक्स फोर्स (SIT) बनाया है. पुलिस सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया जांच में कई बड़ी बातें सामने आई हैं. पुलिस ने बताया कि पेपर लीक का दायरा काफी बड़ा है और इसमें कई कोचिंग संस्थान भी शामिल हो सकते हैं. SIT जांच की खबर से शहर के निजी कोचिंग संस्थानों में हड़कंप मच गया है. सूत्रों ने बताया कि परीक्षा बोर्ड के कुछ अधिकारी भी अब पुलिस की रडार पर हैं.
अब तक 4 लोग हुए गिरफ्तार
पुलिस ने पेपर लीक मामले में अबतक कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया है. इसमें निजी कोचिंग संस्थान से जुड़े तीन लोग शामिल हैं. शुरुआती जांच में एक निजी कोचिंग क्लास संचालक निशिकांत मनु और उसके 18 साल के छात्र फैजान को गिरफ्तार किया गया था. इसके अलावा सोमवार को 'एक्सीलेंट एकेडमी' के संचालक मुस्तफा खान और जुनेद मौहम्मद को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.
मुस्तफा है मास्टरमाइंड?
पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस लीक कांड का मास्टरमाइंड मुस्तफा हो सकता है. पुलिस ने बताया कि परीक्षा बोर्ड के कुछ अधिकारी इस नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका अब मजबूत हो रही है. सूत्रों का कहना है कि नागपुर में बड़े पैमाने पर चल रहे निजी कोचिंग क्लासेज को SIT के एक्शन से बड़ा झटका लगा है. ये संस्थान छात्रों से भारी-भरकम फीस लेते थे.
क्या है पूरा मामला
नागपुर के 'सेंट उर्सुला' परीक्षा केंद्र से रसायन विज्ञान (Chemistry) का पेपर लीक होने की पुष्टि हुई थी. परीक्षा के दौरान एक छात्रा के बार बार वॉशरूम जाने से मौजूद परीक्षा करवा रहे शिक्षकों को कुछ शक हुआ. जब छात्रा वॉशरूम में फिर पंद्रह मिनट बिताकर लौटी तो उससे पूछताछ की गई. उसके पास स्मार्टफोन पाए जाने से परीक्षा केंद्र में तहलका मच गया. उसके फोन में एक व्हाट्सएप ग्रुप 'XII' (एक्स आई आई) पर प्रश्नपत्र के साथ-साथ उनके उत्तर भी साझा किए गए थे. इसी ग्रुप पर भौतिक विज्ञान (Physics) का पेपर भी लीक होने की जानकारी मिली है. इस खबर के बाद हड़कंप मच गया. लड़की ने एक और छात्रा के नाम लिया. उसके पास से भी फोन बरामद हुआ और उस फोन में यही व्हाट्सएप ग्रुप होने से पुलिस को बुलाया गया.
इन सवालों का जवाब तलाश रही है पुलिस
अब स्थानीय पुलिस के पांच सदस्यों की SIT इस पूरे मामले की जांच कर रही है. एसआईटी टीम मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर जांच करेगी.
1. पेपर वास्तव में कहां से लीक हुआ?
2. क्या शिक्षा बोर्ड के किसी अधिकारी की इसमें मिलीभगत है और उनकी क्या भूमिका है?
3. यह पेपर किन-किन लोगों तक पहुंचा और क्या इसे राज्य के अन्य जिलों में भी भेजा गया था?
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