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Success Story: जंगल में महुआ बीनने वाले लड़के की IFS में 91 रैंक, UPSC भी कर चुके हैं क्रैक, जानें अजय की कहानी

Raigarh Hindi News: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के छोटे से गांव संबलपुरी के रहने वाले प्रतिभाशाली युवा अजय गुप्ता ने लगातार दो प्रतिष्ठित राष्ट्रीय परीक्षाओं में अपना लोहा मनवाया है. अजय कभी महुआ बीनते थे, लेकिन अब वह IFS अफसर बन गए हैं.

Success Story: जंगल में महुआ बीनने वाले लड़के की IFS में 91 रैंक, UPSC भी कर चुके हैं क्रैक, जानें अजय की कहानी
आईएफएस अफसर बनने के बाद जश्न मनाते अजय गुप्ता के परिजन.

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के छोटे से गांव संबलपुरी से एक ऐसी सफलता की कहानी सामने आई है, जिसने पूरे जिले को गर्व से भर दिया है. साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले अजय गुप्ता ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित भारतीय वन सेवा (IFS) परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक 91 हासिल कर बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है. जब शुक्रवार को परीक्षा परिणाम घोषित हुआ, वैसे ही गांव से लेकर जिले तक खुशी की लहर दौड़ गई.

अजय की इस सफलता ने यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादे और लगातार मेहनत के सामने संसाधनों की कमी भी छोटी पड़ जाती है, ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े अजय ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया. उनके पिता किसान हैं और परिवार ने हमेशा उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. अजय गुप्ता खुद पिता का हाथ बंटाते थे. उन्होंने जंगल जाकर तेंदुपत्ता महुआ इकट्ठा किया है और अब वह जंगल के खुद एक अफसर बनने वाले हैं.

भारतीय वन सेवा देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवाओं में गिनी जाती है, जहां चयन के लिए बेहद कठिन लिखित परीक्षा और इंटरव्यू प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है. ऐसे प्रतिस्पर्धात्मक माहौल में देशभर में 91वीं रैंक हासिल करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.

यूपीएससी भी कर चुके हैं क्लियर

अजय गुप्ता इससे पहले भी अपनी प्रतिभा का परिचय दे चुके हैं. हाल ही में घोषित UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 452 हासिल की थी. लगातार दो राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर उन्होंने न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे रायगढ़ और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है.

बधाई देने वालों का लगा तांता

परिणाम सामने आने के बाद अजय के घर बधाई देने वालों का तांता लग गया. परिवार, मित्रों और शुभचिंतकों में खासा उत्साह देखने को मिला. जिले के सामाजिक, शैक्षणिक और प्रशासनिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भी उनकी उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं.

आज अजय गुप्ता जिले के हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं. उनकी सफलता यह संदेश देती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत ईमानदार हो और हौसले मजबूत हों, तो किसी भी छोटे गांव से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है.

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