मध्य प्रदेश के सीधी जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस विभाग के भीतर ही चर्चा छेड़ दी है. आम लोगों को यातायात नियमों का पालन कराने और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई करने वाले एक पुलिस चौकी प्रभारी खुद नियमों की अनदेखी करते पकड़े गए. पथरौला चौकी प्रभारी की निजी कार का बीमा समाप्त हो चुका था और वाहन में नंबर प्लेट भी निर्धारित नियमों के अनुसार नहीं लगी थी. जब उनकी गाड़ी की जांच हुई तो यातायात पुलिस ने ₹3500 का चालान काट दिया.
एसपी ऑफिस के सामने हुई जांच
जानकारी के अनुसार सीधी जिले में पदस्थ सब इंस्पेक्टर देवराज सिंह परिहार, जो पथरौला चौकी प्रभारी हैं, अपनी निजी कार से एसपी कार्यालय पहुंचे थे. बताया जा रहा है कि उन्होंने वाहन को निर्धारित पार्किंग क्षेत्र से अलग स्थान पर खड़ा कर दिया था. इसी दौरान यातायात पुलिस की नजर वाहन पर पड़ी और दस्तावेजों की जांच की.
जांच में सामने आईं कई खामियां
वाहन की जांच के दौरान पता चला कि कार का बीमा पहले ही समाप्त हो चुका था. इसके अलावा वाहन में लगी नंबर प्लेट भी तय मानकों के अनुसार नहीं थी. दस्तावेज और नियमों में कमी मिलने पर यातायात पुलिस ने मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए वाहन का चालान काट दिया.
नियमों का पालन कराने वाले खुद फंसे
चर्चा इस बात को लेकर भी हो रही है कि चौकी प्रभारी अपने क्षेत्र में वाहनों के दस्तावेज, बीमा, फिटनेस और अन्य नियमों की जांच करते हैं. ऐसे में खुद के वाहन का बीमा समाप्त होना और नंबर प्लेट में खामियां मिलना लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया.
बताया जा रहा है कि चालान की जानकारी मिलने पर चौकी प्रभारी ने नाराजगी भी जताई. हालांकि दस्तावेजों में कमी स्पष्ट होने के कारण कार्रवाई को नियमों के तहत सही माना. इसके बाद यातायात पुलिस ने उन्हें संबंधित प्रावधानों और नियमों की जानकारी भी दी.
यातायात प्रभारी ने क्या कहा?
यातायात थाना प्रभारी भूपेश वैश्य ने बताया कि संबंधित वाहन में नंबर प्लेट नियमों के अनुरूप नहीं थी और कार का बीमा भी नहीं था. इसके चलते ₹3500 का चालान किया. उन्होंने स्पष्ट कहा कि कानून और यातायात नियम सभी के लिए समान हैं. चाहे आम नागरिक हो या कोई अधिकारी, नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी.
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