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शिवपुरी की महिला होमगार्ड ने दफ्तर में लिखा सुसाइड नोट, प्लाटून कमांडर पर लगाए ये आरोप

Shivpuri News: शिवपुरी में महिला होमगार्ड कर्मी ने दफ्तर में सुसाइड नोट लिखकर गंभीर आरोप लगाए. मामले में जांच कमेटी गठित की गई. पढ़िए पूरी खबर.

शिवपुरी की महिला होमगार्ड ने दफ्तर में लिखा सुसाइड नोट, प्लाटून कमांडर पर लगाए ये आरोप
महिला होमगार्ड ने जताई आत्महत्या की इच्छा, सुसाइड नोट में ये लिखा
Atul Gaur

Shivpuri Female Home Guard Suicide Note: शिवपुरी जिले के होमगार्ड कार्यालय में पदस्थ एक महिला सैनिक द्वारा दफ्तर में ही सुसाइड नोट लिखने का मामला सामने आया है, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया. महिला कर्मी ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों, विशेष रूप से प्लाटून कमांडर, पर मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं. बताया गया कि ड्यूटी के दौरान ही उसने आत्महत्या की इच्छा जताते हुए नोट लिखा, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और परिजन उसे अस्पताल ले गए. घटना सामने आते ही अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच के आदेश दिए. फिलहाल महिला कर्मी की शिकायतों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है.

ड्यूटी के दौरान लिखा सुसाइड नोट

जानकारी के मुताबिक शिवपुरी के होमगार्ड कार्यालय में कार्यरत महिला सैनिक अंजलि भदौरिया ने मंगलवार को कार्यालय में काम करते-करते ही सुसाइड नोट लिख दिया. नोट में उन्होंने आत्महत्या की इच्छा जताते हुए अपने साथ हो रहे व्यवहार को जिम्मेदार ठहराया. यह घटना सामने आते ही कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई.

Shivpuri News: सुसाइड नोट

Shivpuri News: सुसाइड नोट

प्लाटून कमांडर पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप

महिला सैनिक ने प्लाटून कमांडर राघवेंद्र हाकरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं. अंजलि का कहना है कि पिछले कुछ समय से उन्हें लगातार मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है. उनके अनुसार, ड्यूटी पर समय से पहुंचने के बावजूद उनकी कई बार गैरहाजिरी दर्ज कर दी जाती है. मंगलवार को भी वे सुबह 11 बजे कार्यालय पहुंच गई थीं, लेकिन 11 बजकर 16 मिनट पर उनकी अनुपस्थिति दर्ज कर दी गई.

ड्यूटी टाइम से ज्यादा रुकने का दबाव

महिला कर्मी का आरोप है कि निर्धारित ड्यूटी समय सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक होने के बावजूद उन्हें अक्सर शाम 7 बजे तक रुकने के लिए मजबूर किया जाता है. इसके अलावा, उनसे यह भी कहा जाता है कि वे अपने आने और जाने की जानकारी व्यक्तिगत रूप से प्लाटून कमांडर को दें, जिससे वे मानसिक दबाव में रहती हैं.

कार्यालय में मूलभूत सुविधाओं की कमी

अंजलि भदौरिया ने कार्यालय की सुविधाओं को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि वहां न तो पीने के पानी की व्यवस्था है और न ही महिलाओं के लिए टॉयलेट की सुविधा उपलब्ध है. उन्होंने बताया कि उन्हें घर से पानी लाना पड़ता है और कई बार शिकायत करने के बावजूद इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया.

घटना के बाद बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में भर्ती

सुसाइड नोट लिखने के बाद महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई. इस दौरान उनके परिजन मौके पर पहुंचे और तुरंत उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है. इस घटना ने न केवल कार्यालय प्रशासन को बल्कि पूरे जिले को चिंतित कर दिया है.

अधिकारियों ने दिए जांच के आदेश

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कमांडेंट जितेंद्र त्रिपाठी ने कहा है कि महिला सैनिक की शिकायतों की जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने बताया कि इस प्रकरण की जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई है, जो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करेगी.

प्लाटून कमांडर से संपर्क नहीं हो सका

मामले में प्लाटून कमांडर राघवेंद्र हाकरे से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया.

जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई

अधिकारियों का कहना है कि पूरा मामला जांच के अधीन है, जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी. यह घटना सरकारी कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों और महिला सुरक्षा के सवालों को भी उजागर करती है.

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