दुर्ग जिले के छातागढ़ में स्थित शिवनाथ नदी एक बार फिर दर्दनाक हादसे की वजह से चर्चा में है. दोस्तों के साथ जन्मदिन की खुशियां मनाने पहुंचे बच्चों के लिए यह दिन कभी न भूलने वाला बन गया. बर्थडे सेलिब्रेशन के बाद नदी में नहाने उतरे दो मासूम तेज बहाव की चपेट में आ गए और देखते ही देखते आंखों से ओझल हो गए.
साथ मौजूद दोस्तों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन बहाव इतना तेज था कि वे कुछ नहीं कर सके. सबसे दर्दनाक बात यह है कि जिस जगह यह हादसा हुआ, उसी स्थान पर तीन महीने पहले भी दो युवकों की डूबने से मौत हुई थी. घटना के बाद परिवारों में मातम का माहौल है और अब सभी की निगाहें सुबह शुरू होने वाले सर्च अभियान पर टिकी हैं.
बर्थडे मनाने पहुंचे थे दोस्त
जानकारी के अनुसार, दुर्ग के उरला इलाके के 7 से 8 बच्चे अपने एक दोस्त का जन्मदिन मनाने के लिए छातागढ़ पहुंचे थे. दिनभर मौज-मस्ती और जश्न के बीच किसी ने नहीं सोचा था कि कुछ ही देर बाद यह खुशी हादसे में बदल जाएगी. बर्थडे सेलिब्रेशन खत्म होने के बाद बच्चे नदी किनारे पहुंचे, जहां कुछ बच्चे पानी में उतर गए.
नहाने के दौरान तेज बहाव में बहे
शाम करीब 4 बजे दो बच्चे नदी में नहाने के लिए उतरे. इसी दौरान वे शिवनाथ नदी के तेज बहाव की चपेट में आ गए. बच्चों ने बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन देखते ही देखते पानी उन्हें अपने साथ बहाकर ले गया. मौके पर मौजूद उनके दोस्तों के सामने यह सब कुछ कुछ ही पलों में हो गया.
तीसरे दोस्त ने बचाने की कोशिश की
नदी किनारे मौजूद एक अन्य दोस्त ने दोनों बच्चों को बचाने का प्रयास भी किया. उसने पानी में उतरकर उन्हें पकड़ने की कोशिश की, लेकिन बहाव इतना तेज था कि वह सफल नहीं हो सका. हादसे के बाद सभी बच्चे घबरा गए और काफी देर तक अपने स्तर पर दोनों की तलाश करते रहे.
घंटों बाद परिजनों को दी सूचना
घटना से सहमे बच्चों ने पहले खुद ही अपने दोस्तों को ढूंढने की कोशिश की. जब काफी समय बीत जाने के बाद भी उनका कोई पता नहीं चला तो उन्होंने परिवार वालों को इसकी जानकारी दी. बताया जा रहा है कि हादसे के करीब तीन से साढ़े तीन घंटे बाद परिजनों को घटना की सूचना मिली.
सूचना मिलते ही परिजन पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे. सभी ने मिलकर नदी किनारे और आसपास के क्षेत्र में तलाश शुरू की, लेकिन बच्चों का कोई सुराग नहीं मिल सका. घटना के बाद पूरे इलाके में चिंता और बेचैनी का माहौल बना हुआ है.
रात होने से नहीं पहुंच सकी SDRF टीम
हादसे की सूचना मिलने के बाद रेस्क्यू की तैयारी की गई, लेकिन अंधेरा होने और पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं होने के कारण SDRF की टीम मौके पर नहीं पहुंच सकी. ऐसे में रात में सर्च ऑपरेशन शुरू नहीं हो पाया. अब शनिवार सुबह नदी में विशेष सर्च अभियान चलाकर दोनों बच्चों की तलाश की जाएगी. नदी में बहने वाले दोनों बच्चों की पहचान 14 वर्षीय रेहान और 12 वर्षीय आरव के रूप में हुई है. घटना के बाद दोनों परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है. परिजन पूरी रात बच्चों के मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं.
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