सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (Satpura Tiger Reserve) में पदस्थ एसडीओ विनोद वर्मा को निलंबित कर दिया गया है. कार्रवाई उस वीडियो के सामने आने के बाद हुई, जिसमें वे एक सांभर को खाना खिलाते और उसे पालतू की तरह व्यवहार करते दिखाई दे रहे हैं. इस वीडियो ने वन्यजीव संरक्षण कानून के उल्लंघन को लेकर गंभीर सवाल खड़े किये अब वन्यप्रेमी पूछ रहे हैं कि क्या निलंबन के साथ-साथ फॉरेस्ट एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई भी होगी.
कुछ दिन पहले का है वीडियो
दरअसल, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के चूरना वन क्षेत्र में एक सांभर को पोहा खिलाने का वीडियो वायरल हो गया, जो खुद एसडीओ फॉरेस्ट ने पोस्ट किया था. वह सांभर हिरण को रेस्क्यू करके लाए थे. वीडियो में दिख रहा है कि एसडीओ जंगल में बैठकर पोहा खा रहे हैं और उन्होंने सांभर यानी जंगली हिरण को भी पोहा खिलाया. इस दौरान वह उसे छूते भी हैं यानी दुलारते दिख रहे हैं.
वायरल वीडियो के बाद लोग सवाल उठाने लगे और वन्य जीवों के साथ ऐसा व्यवहार करने कार्रवाई की मांग करने लगे, क्योंकि यह वन्य प्राणी अधिनियम के हिसाब से यह नियमों का उल्लंघन था. एक वाइल्डलाइफ आरटीआई एक्टिविस्ट ने अफसर पर कार्रवाई की मांग की थी. उन्होंने अफसर के व्यवहार को वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट (WPA) 1972 की धारा 9 और 38J का खुला उल्लंघन बताया था.
दरअसल, आम लोगों के छूने से वन्य जीव बीमार भी हो सकते हैं. या फिर ऐसा भी हो जाता है कि अगर वह इंसानों का भोजन खा लें तो उन्हें लत लग जाए, जिसके लिए वह रहवासी इलाकों तक पीछा करते पहुंच जाएं, जो इनकी जान को खतरा बन सकता है.
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