वो सरहद की सुरक्षा के लिए घर से निकले थे हम सब से वादा किया था कि इस बार जल्दी लौटूंगा. घर वालों के साथ ज्यादा समय बिताऊंगा. नए साल पर वे घर तो लौटे, मगर तिरंगे में लिपटकर और घर वालों से हमेशा हमेशा के लिए जुदा होकर. उनकी पार्थिव देह घर पहुंची तो कोहराम मच गया. वहां मौजूद कोई शख्स अपने आंसू नहीं रोक पाया.
दरअसल, मध्य प्रदेश के रीवा जिले के गोपाल नगर निवासी और सीमा सुरक्षा बल (BSF) में पदस्थ सब इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार मिश्रा का जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी के दौरान बीमारी के चलते निधन हो गया. वे देश की सेवा में तैनात थे और अंतिम समय तक अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे थे.
धर्मेंद्र कुमार मिश्रा का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर पहले रीवा लाया गया, इसके बाद प्रयागराज ले जाया गया. प्रयागराज में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और अंतिम विदाई दी गई. जैसे ही उनका पार्थिव शरीर पहुंचा, माहौल गमगीन हो गया और हर आंख नम नजर आई.

उनके निधन की खबर से न केवल परिवार बल्कि पूरे रीवा क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई. बाजार बंद रहे और हर कोई धर्मेंद्र कुमार मिश्रा के घर पहुंचा. उनके परिजनों को ढांढस बंधाया. उनकी पत्नी आरती मिश्रा और पुत्र अनुज मिश्रा का रो-रोकर बुरा हाल हो गया.
उनके साथियों के अनुसार, धर्मेंद्र कुमार मिश्रा एक अनुशासित, कर्तव्यनिष्ठ और ईमानदार जवान थे. वे न केवल एक समर्पित सैनिक थे, बल्कि एक स्नेही पति और जिम्मेदार पिता भी थे. उनकी देशभक्ति, सेवाभाव और कर्तव्यनिष्ठा को हमेशा सम्मान और श्रद्धा के साथ याद किया जाएगा.
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