- कांग्रेस ने इंदौर में 12 सितंबर को राहुल गांधी के नेतृत्व में छात्रों की गूंज आयोजित करने की तैयारी शुरू की.
- राहुल गांधी की टीम दिल्ली से आकर कार्यक्रम की व्यवस्थाओं और आयोजन की रूपरेखा पर स्थानीय नेताओं से चर्चा करेगी.
- PCC चीफ जीतू पटवारी ने इंदौर में नेताओं की बैठक बुलाई, जिसमें कार्यक्रम की जिम्मेदारी और रणनीति तय की जाएगी.
मध्य प्रदेश की राजनीति में छात्रों और युवाओं को लेकर कांग्रेस एक बड़ा दांव खेलने की तैयारी में है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के लिए इंदौर को लगभग अंतिम रूप दे दिया है. 12 सितंबर को कार्यक्रम आयोजित किए जाने की तैयारी चल रही है और इसकी रूपरेखा को लेकर संगठन स्तर पर तेजी से काम हो रहा है. राहुल गांधी की टीम भी इस सिलसिले में इंदौर पहुंच रही है, जबकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने स्थानीय नेताओं और पदाधिकारियों की बैठक बुलाई है.
12 सितंबर को कार्यक्रम कराने की तैयारी
कांग्रेस संगठन इंदौर में 12 सितंबर को 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी कर रहा है. कार्यक्रम की व्यवस्थाओं और स्थान चयन को लेकर लगातार मंथन चल रहा है. बताया जा रहा है कि आज शाम तक कार्यक्रम को लेकर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है, जिसके बाद आधिकारिक घोषणा भी की जा सकती है.
राहुल गांधी की टीम पहुंचेगी इंदौर
कार्यक्रम की तैयारियों को गति देने के लिए राहुल गांधी की टीम दिल्ली से इंदौर पहुंच रही है. टीम स्थानीय नेताओं के साथ बैठक कर आयोजन की रूपरेखा, व्यवस्थाओं और संभावित भीड़ को लेकर चर्चा करेगी. कांग्रेस चाहती है कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल हों, ताकि इसका व्यापक राजनीतिक संदेश जा सके.

कांग्रेस ने कार्यक्रम के लिए मांगी अनुमति.
जीतू पटवारी ने बुलाई नेताओं की बैठक
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इंदौर में पार्टी नेताओं और पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है. बैठक में कार्यक्रम की तैयारियों, जिम्मेदारियों के बंटवारे और छात्रों तक पहुंच बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा होगी. संगठन स्तर पर यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि कार्यक्रम पूरी ताकत के साथ आयोजित हो.
AICC पदाधिकारियों से हो चुकी है चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, कार्यक्रम को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस की अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के पदाधिकारियों से प्रारंभिक चर्चा पहले ही हो चुकी है. इसी चर्चा के बाद इंदौर को आयोजन स्थल के रूप में प्राथमिकता देने पर सहमति बनी है. अब स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही
इंदौर को क्यों चुना गया?
शुरुआत में इस कार्यक्रम को जबलपुर में आयोजित करने की योजना थी, लेकिन बाद में इंदौर पर सहमति बनी. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि इंदौर को प्रदेश का प्रमुख एजुकेशन हब माना जाता है. शहर में बड़ी संख्या में कॉलेज, विश्वविद्यालय और तकनीकी संस्थान हैं. ऐसे में कांग्रेस को उम्मीद है कि यहां आयोजित कार्यक्रम का प्रभाव ज्यादा व्यापक होगा और बड़ी संख्या में छात्र इसमें भाग लेंगे.
नेहरू स्टेडियम के लिए मांगी अनुमति
कार्यक्रम के आयोजन के लिए कांग्रेस ने इंदौर के नेहरू स्टेडियम का विकल्प चुना है. पार्टी की ओर से यहां कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति भी मांगी गई है. यदि प्रशासन से अनुमति मिल जाती है तो नेहरू स्टेडियम में हजारों छात्रों और युवाओं की मौजूदगी में कार्यक्रम आयोजित किया जा सकता है.
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस का यह कार्यक्रम केवल एक छात्र संवाद तक सीमित नहीं है. आगामी छात्र संघ चुनावों और युवा वोट बैंक को साधने की रणनीति भी इसके पीछे मानी जा रही है. राहुल गांधी के जरिए कांग्रेस युवाओं के मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर नए मतदाताओं तक अपनी पहुंच मजबूत करने की कोशिश कर रही है.
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