Naxals Encounter in Jharkhand: छत्तीसगढ़ के आस-पास के राज्यों से भी नक्सलियों को सफाया किया जा रहा है. मध्य प्रदेश और तेलंगाना के बाद अब झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ बडा ऑपरेशन चलाया गया है, जिसमें 1 करोड़ के इनामी माओवादी कमेटी सदस्य पतराम मांझी और 15 अन्य नक्सली भी ढेर हो गए.
जानकारी के अनुसार झारखंड के सरांडा जंगल क्षेत्र में आज सुबह सीआरपीएफ के CoBRA कमांडो और पुलिस की संयुक्त ऑपरेशन टीम व माओवादी संगठनों के बीच भयंकर मुठभेड़ हुई, जिसमें माओवादी केंद्रीय समिति के सदस्य पतराम मांझी उर्फ “अनल” को मार गिराया गया. इसे अनल दा उर्फ तुफान उर्फ पतिराम मांझी उर्फ पतिराम मराण्डी उर्फ रमेश आदि नामों से भी जाना जाता है. यह मूलरूप से ग्राम झरहाबाले थाना-पीरटांड जिला-गिरिडीह का रहने वाला है. पिता का नाम टोटो मराण्डी उर्फ तारू मांझी है.
इसके अलावा अब तक 15 माओवादियों के शव मिले हैं. उनके पास से स्वचालित हथियार बरामद हुए हैं. IG साकेत सिंह ने बताया कि तलाशी और मुठभेड़ अभी भी जारी है और मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है क्योंकि दोनों पक्षों के बीच फायरिंग अभी भी चल रही है.

सुरक्षा बलों की 209 CoBRA बटालियन और CRPF के जवानों ने इलाके की घेराबंदी कर माओवादी ठिकानों का छूरकर जवाबी कार्रवाई की. इस ऑपरेशन को श्रेणीबद्ध खुफिया सूत्रों के आधार पर अंजाम दिया गया, जिसमें राज्य और केंद्र सरकार की ओर से नक्सल विरोधी बड़ी कार्रवाइयाँ शामिल रहीं.
नक्सलियों पर काल बनकर टूट पड़े CoBRA 209 बटालियन के जवान
झारखंड के चाईबासा में नक्सलियों के खिलाफ बड़ी मुठभेड़ चल रही है. पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल क्षेत्र में CoBRA 209 बटालियन के जवान नक्सलियों पर काल बनकर टूट पड़े हैं. सुरक्षा बल अपने शहीद और घायल जवानों का बदला लेते हुए इस ऑपरेशन को अंजाम दे रहे हैं. अब तक माओवादी सेंट्रल कमेटी मेंबर CCM अनल सहित 15 से अधिक नक्सलियों के मारे जाने की खबर है. यह मुठभेड़ झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम क्षेत्र के सारंडा जंगलों में CoBRA जवानों और नक्सलियों के बीच जारी है. सर्च ऑपरेशन अभी भी चल रहा है, ऐसे में मृत नक्सलियों की संख्या बढ़ने की संभावना जताई जा रही है.
मार्च 2026 तक नक्सलवाद भारत का लक्ष्य
केंद्र सरकार ने पूरे देश में नक्सलवाद को समाप्त करने का लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक निर्धारित किया है. इसी निर्देशन के तहत केंद्रीय गृह मंत्रालय और सुरक्षा बल भारत के नक्सल प्रभावित राज्यों में मिलीनसोल प्रेशर बढ़ाकर माओवादी ताकतों को खत्म करने का अभियान चला रहे हैं. झारखंड में भी इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा बलों द्वारा नक्सलियों के खिलाफ विशेष अभियान तेज किया गया है. इस अभियान के तहत पिछले कुछ वर्षों में कई शीर्ष माओवादी कमांडर मार गिराए गए हैं और बड़ी संख्या में हथियार, गोला-बारूद और ठिकाने ढहाए जा चुके हैं.
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