दतिया उपचुनाव में टिकट नहीं मिलने के बाद पहली बार पूर्व गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने खुलकर अपनी बात रखी है. समर्थकों के विरोध और राजनीतिक अटकलों के बीच नरोत्तम मिश्रा ने साफ किया कि वह न तो संगठन से नाराज हैं और न ही किसी नेता को फैसले के लिए जिम्मेदार मानते हैं. उन्होंने कहा कि यदि उन्हें टिकट नहीं मिला है तो कहीं न कहीं उनमें ही कोई कमी रही होगी, जिस पर वह आत्मचिंतन करेंगे. साथ ही उन्होंने यह भी दोहराया कि उनका जीवन भाजपा के लिए समर्पित है और वे पार्टी के एक अनुशासित कार्यकर्ता के रूप में काम करते रहेंगे.
पार्टी से बड़ा कोई नहीं
दतिया उपचुनाव को लेकर नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से एक बात साफ हो गई है कि किसी भी व्यक्ति का कद पार्टी से बड़ा नहीं हो सकता. उनके मुताबिक, टिकट न मिलना इस बात का संकेत है कि संगठन सर्वोपरि है और पार्टी का हर निर्णय सभी को स्वीकार करना चाहिए. उन्होंने कहा कि पार्टी दूर तक सोचती है और व्यापक हित में फैसले लेती है.
संगठन या मुख्यमंत्री को नहीं ठहराया जिम्मेदार
टिकट कटने के सवाल पर नरोत्तम मिश्रा ने किसी भी तरह की नाराजगी से इनकार किया. उन्होंने कहा कि वे न संगठन को दोष देते हैं और न ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को. उनका मानना है कि यदि पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया तो निश्चित रूप से उनमें ही कोई कमी रही होगी. उन्होंने कहा कि वे आत्मनिरीक्षण करेंगे और खुद को बेहतर बनाने का प्रयास करेंगे.
दिल्ली में भाजपा नेतृत्व से की मुलाकात
नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि टिकट कटने के बाद उन्होंने दिल्ली में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा. इस दौरान दतिया में हुए विरोध प्रदर्शन और कार्यकर्ताओं की नाराजगी को लेकर भी चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि पार्टी के मंच पर अपनी बात रखने का एक तरीका होता है और वे उसी प्रक्रिया का पालन करेंगे.
VIDEO | Delhi: On Datia bye-election, senior Madhya Pradesh BJP leader Narottam Mishra says, "It is now settled that no individual's stature is greater than the party. The fact that the ticket wasn't given answers that no one is above the party. The party stands at a much higher… pic.twitter.com/V72Xt9ncuv
— Press Trust of India (@PTI_News) July 12, 2026
समर्थकों को समझाया, शांत हुआ विरोध
दतिया में टिकट वितरण के बाद हुए विरोध को लेकर नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि उन्होंने अपने समर्थकों को समझाया है. कार्यकर्ताओं ने उनकी बात मानी है और अब सभी पार्टी के निर्णय के साथ खड़े हैं. उन्होंने कहा कि किसी भी विषय पर संगठन के भीतर अपनी बात रखने की व्यवस्था होती है और उसी के माध्यम से बात आगे बढ़ाई जाएगी.
आशुतोष तिवारी के नामांकन में रहेंगे शामिल
भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को लेकर भी नरोत्तम मिश्रा ने बड़ा संदेश दिया. उन्होंने कहा कि वे स्वयं आशुतोष तिवारी के नामांकन में शामिल होंगे और उनकी जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत से काम करेंगे. उन्होंने भरोसा जताया कि भाजपा दतिया उपचुनाव में जीत दर्ज करेगी और कार्यकर्ता पूरी एकजुटता के साथ चुनाव लड़ेंगे.
'न मैं नाराज था, न हूं और न रहूंगा'
नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि उनके मन में किसी तरह की नाराजगी नहीं है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा, "मैं नाराज कभी नहीं था, न अभी हूं और न कभी रहूंगा." उनके अनुसार, राजनीति में व्यक्तिगत भावनाओं से ऊपर संगठन का हित होता है और वे हमेशा पार्टी के अनुशासित कार्यकर्ता की तरह काम करते रहेंगे.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं