- छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में पंचायत स्तर पर वित्तीय अनियमितता और अधूरे निर्माण कार्यों की जांच की गई है.
- जिला पंचायत ने 29 ग्राम पंचायत सचिवों से करीब एक करोड़ 39 लाख रुपये की राशि वसूलने के आदेश दिए हैं.
- जिपं सीईओ ने अधिकारियों को 45 दिनों में राजस्व वसूली प्रमाणपत्र दर्ज कर पूरी राशि वसूलने का निर्देश दिया.
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में पंचायत स्तर पर हुए निर्माण कार्यों और सरकारी राशि के उपयोग को लेकर बड़ी कार्रवाई सामने आई है. जिला पंचायत ने जांच में वित्तीय अनियमितता और अधूरे निर्माण कार्यों के मामलों को गंभीरता से लेते हुए 29 ग्राम पंचायत सचिवों से करीब 1 करोड़ 39 लाख रुपये की वसूली के निर्देश दिए हैं. जिला पंचायत सीईओ ने संबंधित अधिकारियों को राजस्व वसूली प्रमाणपत्र (RRC) दर्ज कर 45 दिनों के भीतर पूरी राशि वसूलने के आदेश दिए.
जांच में सामने आईं अनियमितताएं
जिला पंचायत की जांच में यह पाया गया कि कई मामलों में शासकीय राशि का आहरण तो कर लिया, लेकिन संबंधित निर्माण कार्य या तो पूरे नहीं किए या फिर अधूरे छोड़ दिए. इसके अलावा कुछ परियोजनाओं में वित्तीय नियमों के पालन को लेकर भी गंभीर सवाल सामने आए हैं. जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने संबंधित सचिवों के खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ाने का फैसला लिया है.
29 सचिवों से होगी 1.39 करोड़ रुपये की वसूली
जांच के बाद जिला पंचायत ने नारायणपुर और ओरछा विकासखंड के कुल 29 ग्राम पंचायत सचिवों को वित्तीय अनियमितता के लिए जिम्मेदार माना है. इन सचिवों से करीब 1 करोड़ 39 लाख रुपये की राशि वसूल की जाएगी. प्रशासन का मानना है कि सरकारी धन का सही उपयोग सुनिश्चित करना और नुकसान की भरपाई करना आवश्यक है.
45 दिनों के भीतर पूरी करनी होगी वसूली
जिला पंचायत सीईओ ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी मामलों में आरआरसी दर्ज कर निर्धारित प्रक्रिया के तहत वसूली की जाए. अधिकारियों को 45 दिनों के भीतर पूरी राशि वसूलने का लक्ष्य दिया है. साथ ही वसूली की प्रगति पर लगातार निगरानी रखने के लिए नियमित समीक्षा भी की जाएगी.
पंचायत खातों में जमा होगी राशि
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वसूली की जाने वाली पूरी राशि संबंधित पंचायतों के खातों में जमा कराई जाएगी. इसके अलावा कार्रवाई की स्थिति और वसूली की प्रगति की जानकारी हर महीने जिला पंचायत को उपलब्ध करानी होगी, ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे.
पंचायती राज अधिनियम के तहत होगी कार्रवाई
वित्तीय गड़बड़ियों और अधूरे निर्माण कार्यों के मामलों को देखते हुए नारायणपुर और ओरछा विकासखंड के संबंधित सचिवों के खिलाफ पंचायती राज अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है. प्रशासनिक स्तर पर इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और आने वाले दिनों में संबंधित मामलों में आगे की कार्रवाई देखने को मिल सकती है.
जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा कदम
जिला पंचायत की इस कार्रवाई को पंचायत स्तर पर जवाबदेही तय करने की बड़ी पहल माना जा रहा है. प्रशासन का कहना है कि सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही या वित्तीय अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. यही कारण है कि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है.
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