- मध्यप्रदेश के उत्तरी, पश्चिमी और मध्य हिस्सों में अगले तीन दिनों तक भारी से अति भारी बारिश की संभावना है.
- भिंड, दतिया और सागर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी कर प्रशासन और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
- ग्वालियर, उज्जैन, टीकमगढ़ और कई अन्य जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान तेज बारिश की चेतावनी IMD ने जारी की.
मध्यप्रदेश में कुछ दिनों की सुस्ती के बाद मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है. मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के उत्तरी, पश्चिमी और मध्य हिस्सों में अगले तीन दिनों तक बारिश का जोर देखने को मिलेगा. कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है. भिंड, दतिया और सागर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग समेत कई इलाकों में तेज बारिश का दौर बने रहने की संभावना है. ऐसे में लोगों को मौसम के बदलते मिजाज के बीच सतर्क रहने की सलाह दी है.
मध्यप्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है. मौसम प्रणाली के सक्रिय होने से प्रदेश के उत्तरी, पश्चिमी और मध्य हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने लगी हैं. मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन दिन तक कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की जा सकती है. इससे किसानों और जलस्रोतों को फायदा मिलने की उम्मीद है.
भिंड, दतिया और सागर में ऑरेंज अलर्ट
प्रदेश के भिंड, दतिया और सागर जिलों में अति भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इन जिलों में कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ जलभराव जैसी स्थिति भी बन सकती है. प्रशासन और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सीहोर, शाजापुर, राजगढ़, आगर-मालवा, उज्जैन, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, दमोह, मैहर और सिवनी जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. इन क्षेत्रों में अगले 24 घंटों के दौरान कई स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है.
भोपाल समेत कई शहरों में बारिश के आसार
भोपाल, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, नीमच, मंदसौर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर और निवाड़ी जिलों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश की संभावना जताई है.
25.5 इंच बारिश, फिर भी सामान्य से कम
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 1 जून से 26 अगस्त तक औसतन 25.5 इंच बारिश दर्ज की है. इसके बावजूद यह सामान्य बारिश से करीब 11 प्रतिशत कम है. मानसून सक्रिय होने के बाद आने वाले दिनों में इस कमी के कुछ हद तक कम होने की उम्मीद जताई जा रही है.
40 जिलों में बारिश की कमी
प्रदेश के 40 जिलों में सामान्य से 3 प्रतिशत से लेकर 50 प्रतिशत तक कम बारिश रिकॉर्ड की है. सबसे ज्यादा असर पूर्वी मध्यप्रदेश के क्षेत्रों में देखने को मिला है. जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में औसतन 19 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज हुई.
पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों का हाल
प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में औसत से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पूर्वी हिस्से में यह कमी 7 प्रतिशत दर्ज की है. बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी, टीकमगढ़ और डिंडौरी जैसे जिलों में अब भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से कम बना हुआ है.
सिर्फ 15 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
प्रदेश के केवल 15 जिलों में ही सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है. इनमें अनूपपुर, डिंडौरी, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खरगोन और राजगढ़ शामिल हैं. इन जिलों में मानसून अब तक अपेक्षाकृत ज्यादा मेहरबान रहा है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं