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आइसक्रीम खाने से पूरा गांव आया 'फूड पॉइजनिंग' की चपेट में, राजस्थान के अस्पताल में भी भेजने पड़े मरीज 

मंदसौर के कोटड़ा बुजुर्ग गांव में दूषित आइसक्रीम खाने से लगभग 30 लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए. मरीजों को गरोठ और राजस्थान के भवानी मंडी के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में तैनात है और स्थिति पर नजर रखे हुए है. 

आइसक्रीम खाने से पूरा गांव आया 'फूड पॉइजनिंग' की चपेट में, राजस्थान के अस्पताल में भी भेजने पड़े मरीज 

मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के गरोठ थाना क्षेत्र में आने वाले ग्राम कोटड़ा बुजुर्ग में दूषित आइसक्रीम खाने से फूड पॉइजनिंग का एक बड़ा मामला सामने आया है. एक साथ 20 से 30 लोगों के बीमार होने से गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. बीमारों में बच्चों की संख्या सबसे अधिक है, जिनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें उपचार के लिए पड़ोसी राज्य राजस्थान तक ले जाना पड़ा. (मनीष पुरोह‍ित की र‍िपोर्ट)

आइसक्रीम खाते ही बिगड़ने लगी तबीयत

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोटड़ा बुजुर्ग गांव में ग्रामीणों और विशेषकर बच्चों ने एक फेरीवाले से आइसक्रीम खरीदकर खाई थी. इसके कुछ ही समय बाद लोगों को जी मिचलाने, पेट दर्द और लगातार उल्टी-दस्त की शिकायत होने लगी. देखते ही देखते बीमारों का आंकड़ा बढ़ने लगा. गांव के निवासी कमलेश प्रजापति ने बताया कि बीमार होने वालों में हर उम्र के लोग शामिल हैं, लेकिन संक्रमण का असर बच्चों पर सबसे ज्यादा देखा गया है.

राजस्थान के अस्पतालों में दी जा रही है शरण

गांव में अचानक बढ़े मरीजों के कारण स्थानीय स्वास्थ्य सेवाएं कम पड़ने लगीं. गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद कई मरीजों को गरोठ के सरकारी अस्पताल भेजा गया. चूंकि यह क्षेत्र राजस्थान की सीमा के करीब है, इसलिए गंभीर रूप से बीमार कुछ मरीजों को तुरंत राजस्थान के भवानी मंडी स्थित अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. राहत की बात यह है कि फिलहाल सभी मरीज खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं, लेकिन लगातार हो रहे संक्रमण ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है.

गांव में मेडिकल टीम का डेरा

घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और एक विशेष मेडिकल टीम गांव के लिए रवाना की गई. टीम ने गांव में ही मोर्चा संभाल लिया है और बीमार लोगों की जांच कर रही है. मौके पर ही मरीजों को दवाइयां वितरित की जा रही हैं और गंभीर रूप से निर्जलित (Dehydrated) मरीजों को ड्रिप चढ़ाई जा रही है.

शासकीय सूत्रों का कहना है कि वर्तमान में आधिकारिक तौर पर 8 बच्चों में गंभीर लक्षण पाए गए हैं, जिनका सघन उपचार जारी है. स्वास्थ्य विभाग अब इस बात की जांच कर रहा है कि आइसक्रीम में ऐसा कौन सा जहरीला तत्व था जिससे इतनी बड़ी संख्या में लोग बीमार हुए.

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