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2 महीने की सृष्टि को बचाने के लिए चाहिए 9.40 करोड़ का इंजेक्शन, मां ने PM-CM से लगाई गुहार, क्या है स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी

Mandsaur Newborn Genetic Disease: बच्ची को दूध पीने और हाथ-पैर चलाने में दिक्कत आ रही है. वो सांस भी ठीक से नहीं ले पाती है. बच्ची की जान बचाने के लिए एक मात्र इलाज 9.40 करोड़ रुपये का इंजेक्शन है. ऐसे में परिजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से आर्थिक सहायता के लिए गुहार लगाई है.

2 महीने की सृष्टि को बचाने के लिए चाहिए 9.40 करोड़ का इंजेक्शन, मां ने PM-CM से लगाई गुहार, क्या है स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी

Spinal Muscular Atrophy Disease: मध्य प्रदेश के मंदसौर के एक साधारण परिवार की 2 महीने की दूध मुही बच्ची गंभीर बीमारी स्पाइनल मस्कुलर एंट्रापी (SMA) से ग्रसित है. इस इलाज के लिए लगने वाले इंजेक्शन की कीमत करीब 9.40 करोड़ रुपये है, जिससे बच्ची की जान बचाई जा सकती है. लिहाजा इस मासूम की जान बचाने के लिए इस परिवार ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है. साथ ही अन्य संस्थाओं और लोगों से मदद की अपील की है.

क्या है SMA बीमारी?

डेढ़ महीने पहले बच्ची का जन्म हुआ था. कुछ दिनों बाद उसमें असामान्य लक्षण दिखाई देने लगे. जिसके बाद परिवार ने बच्ची को इंदौर और कोटा के बड़े डॉक्टरों को दिखाया. नवजात बच्ची को दूध पीने, सांस लेने और सिर उठाने में भारी तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है. काफी चिकित्सकों के चक्कर काटने के बाद आखिरकार जयपुर की एक चिकित्सक द्वारा डीएनए का एक टेस्ट कराया गया, जिसकी रिपोर्ट बेंगलुरु की MedGenome Labs Limited से DNA टेस्ट रिपोर्ट आई. रिपोर्ट में स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) की पुष्टि हुई. यह एक गंभीर आनुवंशिक बीमारी है, जिसमें शरीर की मोटर न्यूरॉन्स प्रभावित होते हैं. इससे मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, जिससे बच्चा सिर उठाने, बैठने, खाने-पीने और सांस लेने में भी असमर्थ हो जाता है. SMA टाइप-1 सबसे गंभीर रूप है, जिसमें बिना उपचार के ज्यादातर बच्चे दो साल की उम्र से पहले अपनी जान गंवा देते हैं.

9.40 करोड़ के इंजेक्शन से बच सकती है बच्ची की जान

इस बीमारी का भारत में कोई दबा उपलब्ध नहीं है. इसका एकमात्र उपचार Zolgensma जीन थेरेपी इंजेक्शन है, जो अमेरिका में उपलब्ध है. जिसकी कीमत 9 करोड़ 40 लाख रुपये बताई जाती है. बता दें कि मासूम बच्ची सृष्टि सोनी गरोठ के परिजन गुप्तेश्वर कॉलोनी में रहते हैं. वहीं पिता गौरव गरोठ पंचर की छोटी सी दुकान चलाते हैं. ऐसे में एक साधारण परिवार के लिए  9.40 करोड़ रुपये का इंजेक्शन लेना नामुमकिन है. ऐसे में बच्ची के परिजनों ने उसकी जान बचाने के लिए अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है. 

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मन्नतों के बाद हुआ था बेटी का जन्म

बच्ची की मां पूजा सोनी बताती हैं कि मेरी बेटी को SMA-1 है...  यह अपना आप हाथ-पैर नहीं चला पाती है. उठाओ तो हाथ नीचे गिरा देती है. इसके हाथ-पैरों में कोई मूवमेंट नहीं हैं. इसे सांस लेने में बहुत ज़्यादा दिक्कत होती है. यह दूध भी नहीं पी पा रही है. मैं इसे बूंद-बूंद करके ड्रॉप से दूध पिला रही हूं. उन्होंने कहा कि मैं सरकार अपील करती हूं कि मेरी बेटी को बचा लो...

बच्ची के इलाज के लिए PM-मोहन यादव से गुहार

उन्होंने बताया कि मेरी शादी तीन साल पहले हुई थी. उसके बाद मैंने बहुत मन्नतें मांगी तब जाकर बेबी हुई. मैं अपनी बेटी को लेकर बहुत टेंशन में हूं, बहुत परेशान हूं. सरकार से हाथ जोड़कर विनम्र निवेदन है कि मेरी बच्ची को बचा लो... बता दें ति गरोठ की गुप्तेश्वर कॉलोनी में रहने वाले गौरव सोनी के घर मन्नत के बाद जनवरी 2026 में सृष्टि का जन्म हुआ था. परिवार खुश था कि मां दुधाखेड़ी ने उनकी सुन ली, लेकिन यह खुशी महज चंद हफ्तों में ही गम में बदल गई.

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