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MP में यूसीसी ड्राफ्ट पर भड़का मुस्लिम समाज, कहा- शरीयत के हिसाब से हल करेंगे मामले; की यह मांग 

MP में समान नागरिक संहिता ड्राफ्ट बिल को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है. इसके तहत बहुविवाह और तीन तलाक पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. मुस्लिम समाज ने आदिवासियों की तरह खुद को इससे बाहर रखने की मांग की है. 

MP में यूसीसी ड्राफ्ट पर भड़का मुस्लिम समाज, कहा- शरीयत के हिसाब से हल करेंगे मामले; की यह मांग 
MP uniform civil code draft: एमपी में यूसीसी ड्राफ्ट का विरोध कर रहा मुस्लिम समाज.

मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल ने रविवार 19 जुलाई को एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक को मंजूरी दे दी. इसे लेकर सीएम डॉ. यादव ने कहा कि समाज के सभी वर्गों से सुझाव लेकर यह ड्राफ्ट तैयार किया गया है, समाज के ज्यादातर लोगों ने इसका समर्थन किया है. यह बिल आदिवासी समुदायों को छोड़कर समाज के सभी वर्गों पर लागू होगा. 

यूसीसी के अधिनियम के लागू होने के बाद प्रदेश में बहुविवाह और तीन तलाक पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा. साथ ही इस्लामी कानून मेंकी गई वसीयत की एक तिहाई व्यवस्था भी इस कानून के लागू होने से समाप्त हो जाएगी. इस बिल पर मुस्लिम समाज की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है. मुस्लिम समाज का कहना है क‍ि वे अपने निकाह, तलाक और विरासत जैसे मामलों में सरकार की दखलंदाजी नहीं होने देंगे. उन्होंने आदिवासी समाज की तरह ही मुस्लिम वर्ग को भी यूसीसी से बाहर रखने की मांग सरकार से है. 

mp uniform civil code draft: खंडवा के शहर काजी सैयद निसार अली ने यूसीसी पर दी कड़ी प्रतक्रिया.

mp uniform civil code draft: खंडवा के शहर काजी सैयद निसार अली ने यूसीसी पर दी कड़ी प्रतक्रिया.

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शरीयत के हिसाब से आगे भी हल करेंगे मामले

खंडवा के शहर काजी सैयद निसार अली ने कहा क‍ि यूसीसी लागू करने से पहले प्रदेश सरकार ने हर शहर में सर्वे के लिए बैठक बुलाई थी, जिसमें हमने विरोध दर्ज कराया था. अगर, प्रदेश सरकार सभी पर समान कानून लागू करने की बात करती है तो इससे आदिवासी समाज को दूर क्यों किया गया? मुस्लिम समाज के शादी, निकाह, विरासत और तलाक जैसे मामले शरीयत के द्वारा हल किए जाते रहे हैं और आगे भी उसी तरह से हम लोग करेंगे. शादी के लिए उम्र का तय नियम पहले से ही समाज के द्वारा माना जाता रहा है. मुख्यमंत्री मोहन याव से मांग है कि आदिवासी समाज की तरह मुस्लिम समाज को भी इस कानून से दूर रखा जाए, जिससे हम लोग अपने मामले शरीयत के हिसाब से आगे भी हल कर सकें. 

मुस्लिम यूथ समाज के अध्यक्ष जाहिद अहमद बोले- सरकार हिंदुओं को खुश करना चाहती है.

 mp uniform civil code draft: मुस्लिम यूथ समाज के अध्यक्ष जाहिद अहमद बोले- हिंदुओं को खुश करना चाहती है सरकार. 

हिंदुओं को खुश करना चाहती है सरकार 

खंडवा मुस्लिम यूथ समाज के अध्यक्ष जाहिद अहमद ने NDTV से बात करते हुए कहा- भाजपा शासित राज्यों में अनुच्छेद 44 का उपयोग करते हुए यूसीसी लागू करने का काम किया जा रहा है. इसके तहत संविधान सभी को समान अधिकार जरूर देता है, लेकिन इसके साथ ही अनुच्छेद 25, 26, 28 और 30 धार्मिक आधार पर भिन्नताओं को बताते हैं, जिनका पालन नहीं किया जा रहा है. उन्‍होंने कहा- यह सिर्फ मुस्लिम समाज की मान्यताओं को समाप्त करने की मंशा है. आदिवासी समाज को छोड़कर यूसीसी में मुस्लिम समाज को लाकर हमारी धार्मिक मान्यताओं में हस्तक्षेप किया जा रहा है. सरकार हिंदुओं को खुश करना चाहती है. 

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