विज्ञापन

सिद्धू मूसेवाला की मां की तरह MP में 52 साल की महिला बनेगी मम्‍मी, जवान बेटे की मौत से सूनी हो गई थी गोद

21 साल के जवान बेटे को खो चुकी 52 वर्षीय महिला को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने आईवीएफ (IVF) के जरिए दोबारा मां बनने की ऐतिहासिक मंजूरी दे दी है. यह मामला सिद्धू मूसेवाला की मां जैसा है.

सिद्धू मूसेवाला की मां की तरह MP में 52 साल की महिला बनेगी मम्‍मी, जवान बेटे की मौत से सूनी हो गई थी गोद
21 साल के इकलौते बेटे की मौत के बाद अब आईवीएफ से मां बनेगी महिला.

मध्‍य प्रदेश में 52 साल की मह‍िला ‘इन विट्रो फर्टिलाइजेशन' (आईवीएफ) प्रक्रिया के जरिए मां बनेगी. दंपति के 21 साल के इकलौते बेटे की पीलिया से मौत के बाद के बाद वे माता-पिता बनना चाहते थे, लेकिन कानूनी नियम के चलते यह संभव नहीं हो पा रहा था. लेक‍िन, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय यानी हाईकोर्ट ने 52 साल की महिला और उसके पति का रास्‍ता साफ कर द‍िया हैं. 

बता दें क‍ि पंजाबी स‍िंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्‍या के बाद उनकी मां चरण कौर ने 58 साल की उम्र में आईवीएफ तकनीक के जरिए एक बार फ‍िर मां बनी थी. 17 मार्च 2024 को उन्‍होंने बठिंडा के एक निजी अस्पताल में बेटे को जन्म दिया था. अब मध्‍य प्रदेश में 52 साल की महिला के IVF से मां बनने का रास्‍ता हाईकोर्ट के एक फैसले ने साफ कर दिया है. 

क्‍या है मामला?

दरअसल, मध्य प्रदेश में रहने वाले एक दंपति के 21 साल के इकलौते बेटे की पीलिया से कुछ साल पहले आकस्‍मिक मौत हो गई. जवान बेटे की मौत का दर्द माता-पिता सहन नहीं कर पा रहे थे. इससे उबरने के लिए उन्‍होंने एक बार फिर माता-पिता बनने का फैसला किया. लेकिन, महिला स्वाभाविक रूप से गर्भवती नहीं हो पा रही थी. ऐसे में उन्होंने आईवीएफ तकनीक का सहारा लेने का फैसला किया और एक निजी अस्पताल से संपर्क किया. 

Latest and Breaking News on NDTV

क्‍या कहता है सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी अधिनियम 2021?

आईवीएफ की प्रक्र‍िया के लिए की गईं जांच में दंपति पूरी तरह से स्वस्थ पाए गए, लेकिन उनकी उम्र इस प्रकिया में अड़चन बन गई. सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (विनियमन) अधिनियम 2021 का हवाला देते हुए अस्पताल ने आईवीएफ प्रक्रिया करने से इनकार कर दिया. बता दें क‍ि अधिनियम के तहत आईवीएफ कराने वाली महिला की आयु 21 से अधिक और 50 वर्ष से कम होनी चाहिए, जबकि पुरुष की उम्र 21 से अधिक और 55 साल से कम होनी चाहिए. 

तीन IVF रहे फेल, मिसकैरेज से बुरी तरह टूटी बिग बॉस एक्ट्रेस बनने वाली है मां, फोटो शेयर कर दी गुड न्यूज

हाईकोर्ट प‍हुंचे दंपति को कैसे मिली राहत?

इसे लेकर दंपति ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की. जिसमें उन्‍होंने कहा क‍ि कानून की कठोर व्याख्या के कारण उन्हें फिर से माता-पिता बनने के अवसर से वंचित नहीं किया जाना चाहिए. न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा ने 10 जुलाई को दंपति की याच‍िका स्‍वीकार की. सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने दंपति को आईवीएफ (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) प्रक्रिया कराने की अनुमति दे दी है. 

Options To Conceive Baby: बच्चा कंसीव नहीं हो रहा, तकनीकी और मेडिकल साइंस में क्या है विकल्प ?

कोर्ट ने फैसले में क्‍या कहा?

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा- कानून में दंपति के लिए कोई संयुक्त आयु सीमा निर्धारित नहीं की गई है. अगर, कोई महिला चिकित्सकीय रूप से गर्भधारण करने में सक्षम है तो केवल आयु सीमा उसके मातृत्व की राह में बाधा नहीं बन सकती. महिला को केवल इस आधार पर आईवीएफ प्रक्रिया से वंचित नहीं किया जाना चाहिए कि उसकी उम्र 52 साल हो चुकी है. कोर्ट ने दंपति को मान्यता प्राप्त चिकित्सा संस्थान में आईवीएफ प्रक्रिया कराने की अनुमति दी. साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि महिला के स्‍वास्‍थ्‍य के आधार पर अस्पताल अंतिम फैसला लेने के लिए स्वतंत्र है. 

IVF से पैदा हुए जुड़वां बच्चों का DNA माता-पिता से नहीं हुआ मैच, कोर्ट के आदेश पर पुलिस जांच शुरू

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
IVF News, IVF, MP High Court News, MP News
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com