विज्ञापन

सरेंडर महिला नक्सलियों को मिलेगी पेंशन! यहां देखें महतारी वंदन योजना रजिस्ट्रेशन प्रोसेस

छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना का दायरा बढ़ाया जा रहा है, जिसमें अब सरेंडर कर चुकी महिला नक्सलियों को भी शामिल किया जाएगा. सरकार जल्द ही रजिस्ट्रेशन पोर्टल दोबारा शुरू करने जा रही है, जिससे लाखों महिलाओं को लाभ मिलेगा.

सरेंडर महिला नक्सलियों को मिलेगी पेंशन! यहां देखें महतारी वंदन योजना रजिस्ट्रेशन प्रोसेस
फाइल फोटो

सरेंडर कर चुकी महिला नक्सलियों को अब छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाओं का फायदा मिलने जा रहा है. छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के तहत उन्हें हर महीने आर्थिक सहायता देने की तैयारी है. सरकार जल्द ही इस योजना के लिए नया रजिस्ट्रेशन पोर्टल खोलने जा रही है, जिसमें न सिर्फ आम महिलाएं बल्कि पुनर्वास कर चुकीं महिला नक्सलियों को भी शामिल किया जाएगा. इसके लिए पात्रता के नियमों में भी बदलाव के संकेत हैं. बता दें कि 31 मार्च 2026 को भारत आधिकारिक तौर पर नक्सल मुक्त हो गया है.  

योजना के दायरे में आएंगी सरेंडर महिला नक्सली

छत्तीसगढ़ सरकार अब नक्सलवाद छोड़कर मुख्यधारा में लौट चुकी महिलाओं को महतारी वंदन योजना से जोड़ने जा रही है. इस पहल के तहत 1000 से ज्यादा आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों को हर महीने आर्थिक मदद मिल सकती है. सरकार का मानना है कि इन महिलाओं को आर्थिक सहारा देकर उन्हें समाज में स्थायी रूप से स्थापित किया जा सकता है.

जल्द खुलेगा रजिस्ट्रेशन पोर्टल

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने संकेत दिए हैं कि आने वाले 7 से 10 दिनों के भीतर महतारी वंदन योजना का पोर्टल फिर से खोल दिया जाएगा. सबसे पहले बस्तर संभाग से नए रजिस्ट्रेशन की शुरुआत होगी. इसके बाद धीरे-धीरे पूरे प्रदेश की महिलाओं के लिए पोर्टल उपलब्ध कराया जाएगा.

पात्रता नियमों में मिल सकती है छूट

सरकार इस योजना में आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों को शामिल करने के लिए पात्रता मापदंडों में बदलाव करने पर भी विचार कर रही है. जरूरत पड़ने पर नियमों को आसान बनाया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा महिलाएं इस योजना का लाभ ले सकें.

महिलाओं को हर महीने मिलते हैं 1000 रुपये

महतारी वंदन योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹1000 सीधे उनके बैंक खाते में दिए जाते हैं. प्रदेश में अभी तक 69 लाख से ज्यादा महिलाएं इस योजना का लाभ उठा रही हैं. योजना में आवेदन के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष तय की गई है.

किन महिलाओं को मिलता है लाभ?

इस योजना का लाभ विवाहित, विधवा, तलाकशुदा या परित्यक्ता महिलाओं को दिया जाता है. हालांकि, सरकारी नौकरी करने वाले परिवारों और आयकर दाता परिवारों को इससे बाहर रखा है. अब इसमें पूर्व नक्सली महिलाओं को भी जोड़ा गया है.

सरकार का तर्क: पुनर्वास को मिले ताकत

सरकार का कहना है कि जिन महिलाओं ने नक्सलवाद छोड़कर सामान्य जीवन अपनाया है, उन्हें आत्मनिर्भर बनाना जरूरी है. ऐसे में उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ देना पुनर्वास नीति का अहम हिस्सा है. सरेंडर महिला नक्सलियों ने भी इस फैसले को अच्छा कदम बताया है.

विपक्ष ने उठाए सवाल

सरकार के इस फैसले पर राजनीति भी तेज हो गई है. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि योजना का लाभ सभी महिलाओं तक पहुंचना चाहिए, जैसा वादा चुनाव के समय किया गया था. विपक्ष का कहना है कि पोर्टल कभी बंद ही नहीं किया जाना चाहिए था और केवाईसी के नाम पर कई महिलाओं को योजना से बाहर किया जा रहा है. 

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Mahtari Vandan Yojana Registration, Chhattisgarh Scheme, Surrendered Naxalite, Women Welfare Scheme, Mahtari Vandan Yojana
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com