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बरगी क्रूज हादसा: बीमा में भी गड़बड़ी उजागर, परिजनों के मुआवजे पर संशय; विपक्ष ने उठाई जांच की मांग

Jabalpur Cruise Accident Bargi Dam: जबलपुर के बरगी बांध में 30 अप्रैल को हुए क्रूज़ हादसे में 13 लोगों की मौत के बाद अब बीमा से जुड़ी गंभीर गड़बड़ी सामने आई है. ऐसे में मृतकों के परिजनों को बीमा राशि मिलने पर संशय बन गया है. घटना के बाद सुरक्षा, संचालन और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है. पढ़ें पूरी खबर.

बरगी क्रूज हादसा: बीमा में भी गड़बड़ी उजागर, परिजनों के मुआवजे पर संशय; विपक्ष ने उठाई जांच की मांग
Jabalpur Cruise Accident: बीमा नवीनीकरण में गड़बड़ी, परिजनों को क्लेम पर संशय

Bargi Cruise Accident Jabalpur: जबलपुर के बरगी बांध में 30 अप्रैल को हुए दर्दनाक क्रूज़ हादसे ने 13 लोगों की जान ले ली, लेकिन हादसे के बाद सामने आ रहे नए खुलासों ने प्रशासन और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब जांच में यह बात सामने आई है कि जिस क्रूज़ के डूबने से यह हादसा हुआ, उसका बीमा हादसे के वक्त वैध ही नहीं था. बीमा नवीनीकरण में हुई तकनीकी चूक और बाद में पॉलिसी रद्द होने से मृतकों के परिजनों को बीमा राशि मिलने पर संशय बना हुआ है. इस खुलासे के साथ ही हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि लापरवाहियों की कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है.

हादसे से जुड़ा बीमा विवाद सामने आया

जांच में सामने आया है कि बरगी बांध में चल रहा जिस क्रूज़ हादसे का शिकार हुआ, उसका बीमा 23 मार्च तक ही वैध था. इसके बाद बीमा पॉलिसी का नवीनीकरण होना था, लेकिन तकनीकी कारणों से यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी. पर्यटन विभाग का कहना है कि नवीनीकरण के स्थान पर नई बीमा पॉलिसी जारी कर दी गई थी, जिसे बाद में बीमा कंपनी ने त्रुटिपूर्ण मानते हुए रद्द कर दिया.

Bargi Cruise Accident Jabalpur: बरगी क्रूज हादसा

Bargi Cruise Accident Jabalpur: बरगी क्रूज हादसा

फिलहाल कोई वैध बीमा नहीं

बीमा पॉलिसी रद्द होने के बाद मौजूदा स्थिति में क्रूज़ का कोई वैध बीमा अस्तित्व में नहीं है. इसका सीधा असर हादसे में जान गंवाने वाले यात्रियों के परिजनों पर पड़ सकता है, क्योंकि बीमा क्लेम मिलने को लेकर अब अनिश्चितता की स्थिति बन गई है.

बीमा कंपनी का पक्ष

यूनाइटेड इंश्योरेंस के सहायक प्रबंधक एन.सी. परते ने बताया कि विभाग की ओर से लिखित रूप से बीमा प्रीमियम की राशि वापस मांगी गई थी. इसी कारण अब बीमा दावा मान्य नहीं बनता. उन्होंने बताया कि कंपनी अपने स्तर पर पूरे मामले की जांच कर रही है और कानूनी विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है.

प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल

इस पूरे घटनाक्रम ने न सिर्फ बीमा प्रक्रिया की खामियों को उजागर किया है, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही के सवाल भी खड़े कर दिए हैं. सवाल यह है कि बिना वैध बीमा के पर्यटकों को क्रूज़ में बैठने की अनुमति कैसे दी गई और जिम्मेदार अधिकारियों ने समय रहते स्थिति की समीक्षा क्यों नहीं की.

हादसे के बाद सियासत तेज

क्रूज़ हादसे के बाद यह मामला लगातार राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है. सुरक्षा इंतजाम, यात्रियों की वास्तविक संख्या, लाइफ जैकेट की उपलब्धता और तकनीकी स्थिति जैसे मुद्दों पर सवाल उठ रहे हैं. यह भी जांच के दायरे में है कि हादसे के वक्त क्रूज़ के कितने इंजन काम कर रहे थे.

विपक्ष ने उठाई जांच की मांग

नागरिक उपभोक्ता मंच ने सबसे पहले इस मुद्दे को उठाया, जिसके बाद कांग्रेस ने भी इसे गंभीरता से लिया. बरगी क्षेत्र के पूर्व विधायक संजय यादव सहित कई नेताओं ने हादसे को लापरवाही का नतीजा बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.

विधायक ने दिया जांच का भरोसा

भारतीय जनता पार्टी के बरगी विधायक नीरज सिंह ने कहा है कि हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की जाएगी और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी. उनका कहना है कि किसी भी स्तर पर हुई लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा.

चालक और हेल्पर का बयान

क्रूज़ चालक महेश पटेल और हेल्पर छोटेलाल ने एक इंजन खराब होने के आरोपों का खंडन किया है. उनका कहना है कि सिर्फ एक इंजन थोड़ा धीमा था, जबकि दूसरा पूरी तरह काम कर रहा था. यह बयान भी जांच रिपोर्ट के महत्वपूर्ण बिंदुओं में शामिल किया गया है.

जांच रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल पूरे मामले की सरकारी जांच जारी है. बीमा से लेकर तकनीकी खामियों और प्रशासनिक जिम्मेदारी तक, हर पहलू की पड़ताल की जा रही है. अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जांच रिपोर्ट में क्या निष्कर्ष सामने आते हैं और हादसे के लिए जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है.

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