सागर जिले के मकरोनिया क्षेत्र स्थित दीनदयाल नगर में एक आवासीय मकान में मस्जिद संचालित होने के मामले में विरोध के बाद जांच शुरू हो गई है. शिकायत मिलने पर मकरोनिया नगर पालिका की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की, जिसमें कई नियमों के उल्लंघन का खुलासा हुआ है. इस प्रकरण ने स्थानीय प्रशासन और आम लोगों के बीच चर्चाओं को तेज कर दिया है.
नगर पालिका की ओर से यह जांच इंजीनियर सत्यम देवलिया द्वारा की गई. जांच के दौरान संबंधित पक्ष से मकान और प्लॉट से जुड़े दस्तावेज मांगे गए और उनकी गहनता से पड़ताल की गई. प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि जिस स्थान पर मस्जिद संचालित की जा रही है, वह आवासीय प्लॉट है और हाउसिंग बोर्ड की संपत्ति के अंतर्गत आता है.
हाउसिंग बोर्ड कॉलोनियों के नियमों का उल्लंघन
इंजीनियर सत्यम देवलिया ने बताया कि हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियों में प्लॉट केवल लीज पर आवंटित किए जाते हैं और उनका स्वामित्व हाउसिंग बोर्ड के पास ही रहता है. ऐसे में प्लॉट को खरीदकर उसे वक्फ के नाम दान करना और उस पर मस्जिद का निर्माण करना नियमों के विरुद्ध है. इसके अलावा, मस्जिद निर्माण के लिए आवश्यक भूमि उपयोग परिवर्तन (लैंड यूज चेंज) की अनुमति भी नहीं ली गई, जो एक प्रशासनिक चूक मानी जा रही है.
कलेक्टर और हाउसिंग बोर्ड को भेजा गया पत्र
मामले की गंभीरता को देखते हुए मकरोनिया नगर पालिका ने हाउसिंग बोर्ड और सागर कलेक्टर को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण से अवगत कराया है. पत्र में नियमानुसार लीज निरस्त करने और आगे की कानूनी कार्रवाई पर विचार करने का अनुरोध किया गया है. नगर पालिका का कहना है कि अब प्रशासनिक स्तर पर जो भी निर्णय होगा, वह नियमों के तहत ही लिया जाएगा.
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इस पूरे मामले को लेकर दीनदयाल नगर और आसपास के इलाकों में चर्चाओं का माहौल बना हुआ है. लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि नगर पालिका और जिला प्रशासन इस प्रकरण में आगे क्या कदम उठाते हैं.
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