Councillor Son Assaults CMO: भिंड के गोहद नगर पालिका में बैठक के दौरान बड़ा हंगामा हो गया. वार्ड 16 की पार्षद राजाबेटी के बेटे बल्लू सैमर ने मीटिंग हॉल में जबरन घुसकर कथित तौर पर CMO महेश चंद्र जाटव से धक्कामुक्की की, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी. मामला तूल तब पकड़ गया, जब पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया और दूसरी ओर, कांग्रेस विधायक केशव देसाई ने आरोपी का बचाव करते हुए घटना को “मुंहवाद” बताया.
मीटिंग हॉल में बवाल कैसे शुरू हुआ?
सूत्रों के मुताबिक, CMO महेश चंद्र जाटव अपने कर्मचारियों मुकेश चौरसिया, पपेन्द्र जाटव और एक अन्य स्टाफ के साथ शासकीय कार्य कर रहे थे. उसी दौरान बल्लू सैमर अंदर घुस आया और वार्ड निवासी अमर सिंह जाटव के खिलाफ की गई शिकायत पर कार्रवाई न होने को लेकर नाराजगी जताने लगा. बताया गया कि निर्माणाधीन मकान का काम रुकवाने और कर्मचारियों के वेतन भुगतान जैसे मुद्दों पर भी वह उग्र था. CMO ने नियमानुसार प्रक्रिया समझाई, लेकिन माहौल बिगड़ गया.
कॉलर पकड़कर धक्का, CMO को चोट
CMO के अनुसार, आरोपी ने उनकी कॉलर पकड़कर जोर से धक्का दिया, जिससे वे कुर्सी से गिर पड़े. गिरने से बाएं हाथ की कलाई में चोट आई और खून भी निकला. अचानक हुई घटना से बैठक में मौजूद कर्मचारी घबरा गए. हंगामा बढ़ता देख अन्य कर्मियों ने बीच-बचाव किया, तब जाकर स्थिति संभली. आरोप है कि जाते-जाते आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी और वहां से निकल गया.
थाने में लिखित शिकायत, केस दर्ज
घटना के बाद CMO महेश चंद्र जाटव ने थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने सरकारी काम में बाधा, मारपीट और धमकाने जैसी धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
विधायक का बचाव और बढ़ता विवाद
मामला राजनीतिक रंग तब लेने लगा, जब क्षेत्रीय कांग्रेस विधायक केशव देसाई ने बयान दिया कि “मारपीट नहीं हुई, केवल मुंहवाद हुआ.” मीडिया द्वारा हाथापाई वाला वीडियो होने की बात पूछने पर उन्होंने कहा, “वीडियो हाथापाई का है, हाथापाई तो होती ही है.” उनके इस बयान से पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठे, क्योंकि उन्होंने यह भी कहा “टीआई जाने कौन अपराधी है.”
सुरक्षा पर सवाल, दफ्तरों का मनोबल प्रभावित
नगर पालिका जैसे शासकीय कार्यालय में बैठक के दौरान हुई यह घटना प्रशासनिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है. अधिकारियों और कर्मचारियों में दहशत का माहौल बताया जा रहा है. अब सबकी नजर पुलिस जांच पर है—क्या तथ्य निकलकर आते हैं, आरोपी पर क्या कार्रवाई होती है, और क्या भविष्य के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल और सख्त किए जाते हैं. फिलहाल नगर पालिका परिसर में इस प्रकरण को लेकर चर्चा तेज है.
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