विज्ञापन

खाद की कीमतें नहीं बढ़ेंगी; कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान बोले- ‘फॉर्मर आईडी’ से रोकी जाएगी कालाबाजारी

Fertilizer Prices: खाद की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने किसानों को बड़ी राहत का भरोसा दिया है. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यूरिया‑डीएपी की कीमतों को लेकर क्या कुछ कहा जानिए.

खाद की कीमतें नहीं बढ़ेंगी; कृषि मंत्री  शिवराज सिंह चौहान बोले- ‘फॉर्मर आईडी’ से रोकी जाएगी कालाबाजारी
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खाद नीति पर जानकारी देते हुए

Fertilizer Price: वैश्विक स्तर पर कच्चे माल की कीमतों में उतार‑चढ़ाव के बीच केंद्र सरकार ने किसानों को राहत देने का भरोसा दोहराया है. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साफ किया है कि यूरिया और डीएपी की कीमतों में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी. साथ ही खाद की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार फार्मर आईडी आधारित नई व्यवस्था लागू करने जा रही है. इस सिस्टम के जरिए खाद का वितरण किसान की जमीन और फसल के हिसाब से तय किया जाएगा. सरकार का दावा है कि इससे असली किसानों को जरूरत के मुताबिक खाद मिलेगी और गलत इस्तेमाल पर असरदार रोक लगेगी.

खाद की कीमतें यथावत, सरकार उठाएगी अतिरिक्त बोझ

अपने आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे माल की कीमतें बढ़ने के बावजूद किसानों के लिए खाद के दाम नहीं बढ़ाए जाएंगे. उन्होंने दोटूक कहा कि यूरिया की एक बोरी 266 रुपये और डीएपी की बोरी 1,350 रुपये में ही मिलती रहेगी. सरकार बढ़ी हुई लागत खुद वहन करेगी, ताकि किसानों पर इसका असर न पड़े.

41 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी

शिवराज चौहान ने बताया कि खाद पर सब्सिडी जारी रखने के लिए केंद्र सरकार ने 41,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त आवंटन को मंजूरी दी है. इसका मकसद यही है कि वैश्विक उतार‑चढ़ाव के चलते किसान आर्थिक परेशानी में न पड़ें और खेती की लागत नियंत्रित रहे.

कालाबाजारी पर लगाम लगाने ‘फॉर्मर आईडी' व्यवस्था

केंद्रीय मंत्री ने माना कि सब्सिडी वाला खाद कई बार औद्योगिक या गैर‑कृषि इस्तेमाल में डायवर्ट हो जाता है. इसी समस्या से निपटने के लिए ‘फॉर्मर आईडी' आधारित मॉडल तैयार किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि इस सिस्टम में हर किसान की जमीन, फसल और परिवार से जुड़ा डेटा एक ही आईडी से जोड़ा जाएगा. इसके आधार पर तय होगा कि किस किसान को कितनी खाद की जरूरत है.

असली किसान को फायदा, अतिरिक्त उठाव पर रोक

मंत्री के अनुसार, इस नई व्यवस्था का मकसद संतुलन बनाना है. एक तरफ असली किसानों को जरूरत के मुताबिक खाद मिलेगी, तो दूसरी ओर जरूरत से ज्यादा खरीद, जमाखोरी और कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगेगी. उन्होंने कहा कि लक्ष्य यह है कि कोई भी किसान खाद की कमी से न जूझे.

9.29 करोड़ फार्मर आईडी बन चुकीं

शिवराज चौहान ने बताया कि अब तक 9 करोड़ 29 लाख से अधिक फार्मर आईडी तैयार हो चुकी हैं और सरकार का लक्ष्य इसे देशभर में लगभग 13 करोड़ किसानों तक पहुंचाने का है.

बंटाईदार और किरायेदार किसानों पर भी फोकस

कृषि मंत्री ने कहा कि बंटाईदार और किरायेदार किसानों को भी खाद उपलब्ध कराने के लिए एक व्यावहारिक मॉडल तैयार किया गया है. मध्य प्रदेश और हरियाणा में इसका सफल परीक्षण हो चुका है, जहां भूमि मालिक की लिखित अनुमति के आधार पर ऐसे किसानों को खाद दी जा रही है. अब इसे पूरे देश में लागू करने पर काम चल रहा है.

वैश्विक हालात पर नजर, किसान सर्वोच्च प्राथमिकता

शिवराज चौहान ने बताया कि पश्चिम एशिया समेत वैश्विक हालात का खाद आपूर्ति और कृषि निर्यात पर क्या असर पड़ रहा है, इस पर सरकार लगातार नजर रखे हुए है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उच्चस्तरीय बैठकें हो रही हैं. उन्होंने दोहराया कि सरकार किसानों को उचित मूल्य, पर्याप्त इनपुट और वैश्विक संकटों का न्यूनतम असर सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है.

यह भी पढ़ें : कुणाल चौधरी का शिवराज सिंह चौहान पर विवादित बयान; शाजापुर में गेहूं खरीदी पर धरना, जानिए क्या बोल गए?

यह भी पढ़ें : MP Weather Update: मध्यप्रदेश में मौसम शुष्क, अगले 5 दिन में 3‑5 डिग्री बढ़ेगा तापमान

यह भी पढ़ें : 14 महीनों में 149 तेंदुओं की मौत; RTI में बड़ा खुलासा, टाइगर स्टेट क्यों बन रहा तेंदुए का 'कब्रिस्तान' जानिए

यह भी पढ़ें : उज्जैन बोरवेल हादसा : ज‍िंदगी की जंग हार गया भागीरथ, 23 घंटे बाद जुगाड़ तकनीक से न‍िकाला शव

लेखक के बारे में
img
अजय कुमार पटेल
Deputy News Editor
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Fertilizer News, Farmer ID, Shivraj Singh Chouhan, Agriculture News, Fertilizer Prices
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com