- दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के जरिए मध्य प्रदेश को बड़ी सौगात मिलने वाली है.
- 31 अगस्त से वडोदरा-मुंबई कॉरिडोर का 157 किमी का हिस्सा शुरू हो सकता है.
- इससे मध्य प्रदेश से मुंबई पोर्ट तक बड़ा कनेक्टिविटी लिंक मिलेगा.
देश की सबसे बड़ी सड़क परियोजना दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के जरिए मध्य प्रदेश को बड़ी सौगात मिलने वाली है. अगले महीने 31 अगस्त 2026 से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का वडोदरा-मुंबई कॉरिडोर का 157 किमी का हिस्सा शुरू हो सकता है. इससे एमपी से गुजरने वाले एक्सप्रेसवे को मुंबई की दिशा में बड़ा कनेक्टिविटी लिंक मिल जाएगा, इससे लोगों का सफर आसान होगा. रविवार 29 जून 2026 को परियोजना की समीक्षा के दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देव्रेंद फडणवीस ने यह जानकारी साझा की. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे मध्य प्रदेश के तीन जिलों रतलाम, मंदसौर और झाबुआ से होकर गुजरता है. करीब 1400 किमी लंबा आठ लेन वाला यह ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे देश के 6 राज्यों को आपस में जोड़ता है. इनमें दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र शामिल हैं.
मध्य प्रदेश को मिलेगा क्या फायदा?
दरअसल, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के वडोदरा-मुंबई कॉरिडोर का काम पूरा नहीं होने से मुंबई तक हाई-स्पीड कनेक्टिविटी नहीं मिल पा रही थी. अगर, 31 अगस्त से एक्सप्रेसवे का यह एक बड़ा हिस्सा खुलता है, जिसकी पूरी संभावना जताई जा रही है तो मध्य प्रदेश से मुंबई की ओर जाने वाले वाहनों को बड़ा फायदा होगा. मुंबई के जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह प्राधिकरण (JNPA) तक कंटेनर और निर्यात माल पहले से कम समय और कम लागत में पहुंच सकेगा. मालवा के उद्योगों और लॉजिस्टिक्स सेक्टर की परिवहन लागत घटेगी. कृषि उत्पाद का देश के बड़े राज्य मुंबई तक पहुंचना आसान हो जाएगा, इससे किसानों को भी लाभ मिल सकता है. साथ ही, आने वाले समय में मध्य प्रदेश के इंदौर, पीथमपुर और देवास के औद्योगिक क्षेत्र भी इससे लाभान्वित होंगे.

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दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे के बारे में जानिए
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे एक एक्सेस-कंट्रोल्ड 8-लेन हाईवे है. इसकी लंबाई करीब 1,350-1,386 किमी है. 1 लाख करोड़ से अधिक की लागत में बने इस एक्सप्रेसवे की खासियत यह है कि इसे भविष्य में 12 लेन तक बढ़ाया जा सकता है. यह एक्सप्रेसवे दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र समेत 6 राज्यों से गुजरता है. इस पर चलने वाले वाहनों की स्पीड लिमिट 100 से 120 किमी प्रति घंटे रह सकती है. यह भारत का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है, जो स्मार्ट और ग्रीन टेक्नोलॉजी से लैस है. साथ ही यह, देश के बडे़ इंडस्ट्रियल और आर्थिक हब्स को भी आपस में जोड़ता है, जिससे व्यापार और यात्रा दोनों आसान होते हैं.
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